
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा: बंदी के शव पर 9 चोटों के निशान, उठे सवाल- जेल में किसने उतारा मौत के घाट
कोटा. एमबीएस अस्पताल में भर्ती बंदी दीपक की मौत की वजह बीमारी से बताई गई थी, लेकिन पोस्टमार्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट में उसके शव पर 9 चोटों का पता चला है। जिनमें से दो निशान उसके सिर पर और शेष शरीर के अन्य हिस्सों पर थे। परिजनों ने भी शव देखकर मारपीट की आशंका जताई थी।
मानपुरा निवासी दीपक उर्फ कालू गुर्जर (30) को बोरखेड़ा पुलिस ने 10 जुलाई को अवैध शराब बेचने के मामले में गिरफ्तार किया था। उसे अदालत में पेश करने पर 11 जुलाई को जेल भेज दिया। दीपक को फेफड़ों की बीमारी थी, जिसका जेल में भी इलाज चल रहा था। 14 जुलाई यानी शनिवार सुबह उसकी तबीयत ज्यादा खराब होने पर जेल प्रशासन उसे लेकर एमबीएस अस्पताल पहुंचा था। जहां चिकित्सक ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया था।
किसने की पिटाई
पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के अनुसार, दीपक के शरीर पर चोटों के 9 निशान मिले हैं। अब सवाल ये है कि मारपीट किसने और कब की? पुलिस ने उसे अवैध शराब के मामले में पकड़ा था और अगले दिन अदालत ने उसे जेल भेज दिया था। उसके बाद वो तीन दिन जेल में रहा।
जेल में मारपीट का आरोप
मृतक के पिता शिवप्रसाद गुर्जर व जीजा राजेन्द्र ने बताया कि मोर्चरी में जब उन्होंने दीपक का शव देखा तो उसके गले पर खरोंच, पैरों में रस्सी बांधने और हाथ पर चोट के निशान दिखे। उसकी पसलियां भी टूटी होना बताया गया। इससे लगता है कि जेल में उसके साथ मारपीट की गई। जिससे उसकी मौत हो गई। परिजनों ने निष्पक्ष जांच करने और जेल प्रशासन पर मामला दर्ज कराने की मांग की।
मेडिकल करवाया था
पुलिस द्वारा इस तरह के आरोपियों का मेडिकल करवाकर ही पेश किया जाता है। दीपक को भी पेश करने से पहले मेडिकल करवाया गया था।
महावीर सिंह यादव थानाधिकारी बोरखेड़ा
Published on:
16 Jul 2018, 12:08 AM IST
बड़ी खबरें
View Allकोटा
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.