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जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा करने खेत पर गए दो किसानों की संदिग्ध मौत

जिले के दो गांव में जंगली जानवरों से फसलों की रखवाली करने खेत पर गए दो किसानों की संदिग्ध मौत हो गई। परिवार में मातम छा गया।
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कोटा

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Zuber Khan

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Updated: 3 Feb 2018, 7:47 PM IST

Farmers Death

कुंदनपुर. मण्डिता पंचायत के गुहावदा गांव में गुरुवार रात खेत पर फसल में सिंचाई करने गए किसान पुष्पचंद मीणा (50) की मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि रातभर खेत में रहने से सिंचाई के दौरान पुष्पचंद को सर्दी लग गई। शुक्रवार सुबह परिजन पुष्पचंद को लेकर कोटा एमबीएस अस्पताल पहुंचे जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने बताया कि इन दिनों रात में थ्रीफेज बिजली का ब्लॉक होने से पुष्पचंद रात्रि में खेत में लहसुन की फसल में सिंचाई के लिए गए थे।

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शुक्रवार सुबह तक वो घर नहीं पहुंचे तो परिजन खेत पर पहुंचे। जहां खेत में फसल के बीच पुष्पचंद अचेत अवस्था में पड़े थे। परिजन तत्काल पुष्पचंद को लेकर कोटा एमबीएस अस्पताल पहुंचे जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। ग्रामीणों ने बताया कि इन दिनों किसान सिंचाई के साथ ही जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा को लेकर रातभर खेतों में डेरा डाले रहते हैं जो किसानों के लिए बड़ी परेशानी है।

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कैथून. क्षेत्र के गोदल्याहेड़ी गांव में खेत पर सिंचाई करने जा रहे एक किसान की खेत के पास ही संदिग्ध अवस्था में मृत्यु हो गई। जानकारी के अनुसार सवेरे सात बजे करीब घर से लाइट आने के बाद खेत पर सिंचाई के लिए मोटर चलाने गए 55 वर्षीय किसान रामबिलास मेहरा को पड़ौसी किसानों ने खेत की मेर पर बेहोश देखा। इस पर परिजनों को इसकी सूचना दी।

इससे पूर्व जिले के बपावर थाना क्षेत्र के डाबरीकलां गांव में रात को फसल की रखवाली को गए किसान हीरालाल मेघवाल तड़के पांच बजे खेत पर मौत हो गई थी। परिजन व ग्रामीण उसे लेकर सांगोद अस्पताल पहुंचाया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे कोटा रैफर कर दिया। रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। पिछले दिनों मोड़क क्षेत्र में भी सिंचाई के दौरान एक किसान की मौत हो गई थी।