25 अक्टूबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

अन्नदाता के आंसू: सर्द रात में परिवार को छोड़ फसलों को पानी पिलाने खेत पर गया किसान की सर्दी से मौत

राजधानी सहित प्रदेश भर में सर्दी का सितम तेजी से बढ़ता जा रहा है। कोटा जिले के एक किसान की खेत पर सर्दी से मौत हो गई।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

कोटा

•

image

Zuber Khan

•

Updated: 18 Dec 2017, 6:30 PM IST

Farmer Death

मोईकलां (कोटा). कोटा जिले के बपावर थाना क्षेत्र के डाबरीकलां गांव में रात को फसल को पानी देते समय सर्दी से किसान की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार डाबरीकलां गांव निवासी हीरालाल मेघवाल तड़के पांच बजे खेत पर फसल को पानी दे रहा था। इसी दौरान अचानक उसे कंपकंपी लगी और तबीयत खराब हो गई। परिजन व ग्रामीण उसे लेकर सांगोद अस्पताल पहुंचाया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे कोटा रैफर कर दिया। रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। पिछले दिनों मोड़क क्षेत्र में भी सर्दी में रात में सिंचाई करते वक्त एक किसान की मौत हो गई थी।

Read More: Health Tips: जानिए कैंसर, दिल व पेट की बीमारी, मोटापे, हाईब्लड प्रेशर, डायबिटीज से बचाव के टिप्स

गौरतलब है कि राजस्थान पत्रिका ने किसानों को रात के समय दी जाने वाली बिजली को दिन में देने के लिए मुहिम चलाई थी। विद्युत निगम ने कुछ जगहों पर बिजली का समय बदला लेकिन कई ग्रामीण क्षेत्र ऐसे हैं जहां किसानों को फसलों में पानी देने के लिए बिजली रात को ही मिल रही है। ऐसे में किसान सर्द रातों में खुले आसमान के नीचे रात गुजारने को मजबूर हैं। रातभर वे पानी के बीच खड़े रहकर फसलों को पानी दे रहे हैं। रात से लेकर अलसुबह तक सर्दी का जोर ज्यादा हो जाता है। ऐसे में शरीर में खून जमा जाता है। इससे कई तरह की बीमारियां हो जाती है। साथ ही मौत का खतरा बना रहता है।

Read More: खेत में बछड़ा घुसा तो मालिक हुआ आग बबुला, पहले दौड़ा कर हाइवे पर लाया फिर ट्रैक्टर से कुचल डाला


प्रदेश में पारा जमाव बिंदू तक पहुंचा
राजधानी सहित प्रदेश भर में सर्दी का सितम तेजी से बढ़ता जा रहा है। प्रदेश में पारा जमाव बिंदू तक पहुंच गया। फतेहपुर में तापमान -0.8 डिग्री के साथ प्रदेश में सबसे कम रहा, जबकि चूरू में 1.6 डिग्री तापमान रहा। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल शीतलहर से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। दो दिन बाद बादलों की आवाजाही होगी।

बड़ी खबरें

View All

कोटा

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग