
कोटा .
मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व की सीमा क्षेत्र में स्थित गरडिया महादेव के दर्शन करने वाले भक्तों को मोटा टैक्स देना पड़ेगा। भक्तों को प्रवेश शुल्क से ज्यादा इको डवलपमेंट शुल्क देना पड़ रहा है। भगवान के दर्शन के लिए टैक्स वसूल करने का कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध किया है।
गरडिया महादेव स्थान टाइगर रिजर्व की सीमा क्षेत्र में आता है। बाघ के आने से पहले वन विभाग ने टाइगर रिजर्व में प्रवेश के लिए शुल्क लगा दिया है और नियम कायदे भी तय कर दिए हैं। राज्य सरकार के आदेश के मुताबिक मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र (क्रिटिकल टाइगर हैवीटेट) में आता है। इसमें वन विभाग की बिना अनुमति प्रवेश वर्जित है।
यह है नियम
सूर्यास्त से सूर्योदय तक प्रवेश निषेध।
पार्टी एवं पिकनिक वर्जित।
आग्नेय अस्त्र ले जाना मना।
खाद्य सामग्री का फैलाना वर्जित।
हॉर्न बजाना एवं ध्वनि विस्तार यंत्र का उपयोग वर्जित।
प्रशासन दखल करे
प्रदेश महासचिव युवक कांग्रेस राजू सिंह ने बताया कि नववर्ष पर परिवार सहित गरडिया महादेव भगवान के दर्शन करने गया था, लेकिन वन विभाग ने बिना शुल्क के नहीं जाने दिया गया।
शुल्क के साथ आधार कार्ड भी मांगा जा रहा है, भक्तों को इसकी जानकारी नहीं होने के कारण कई को बिना दर्शन के लौटना पड़ रहा। मंगलवार को उपमहापौर सुनीता व्यास को ज्ञापन सौंपा, शहर के नेतृत्व को प्रशासनिक दखल के लिए आगे आना चाहिए।
Updated on:
03 Jan 2018 08:26 pm
Published on:
03 Jan 2018 02:07 pm
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