
पश्चिम बंगाल की तीस्ता नदी में बहे राजस्थान के युवाओं को 13 दिन बाद भी नहीं खोज पाई भारतीय नौसेना
बूंदी. पश्चिम बंगाल ( West Bengal ) तीस्ता नदी ( Teesta River Accident) में घटना के 13वें दिन बाद सोमवार को नौसेना ( Indian Navy ) के 15 सदस्यीय दल ने पूरे दमखम के साथ तलाशी अभियान शुरू किया, लेकिन कुछ नहीं मिला। नदी में लापता कार व युवकों का पता लगाने में जुटी टीम को शाम तक कोई सफलता नहीं मिली।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार नदी के ऊपरी हिस्से में बने बांध का पानी कुछ घंटों के लिए बंद किया गया। जिससे नदी के जल स्तर कम हुआ। नौसेना व एनडीआरएफ की टीम ( NDRF Team ) ने संयुक्त रूप से तलाशी कार्य शुरू किया। नौसेना के जवान ऑक्सीजन सिलेण्डर लेकर पानी के अंदर काफी देर तक गए, लेकिन उन्हें कार की लोकेशन नहीं मिली।
जवान दिनभर मेहनत करते रहे, लेकिन शाम तक सफलता नहीं मिली। नदी का पानी मटमैला होने व बहाव तेज होने से जवानों को रेस्क्यू कार्य में परेशानी का सामना करना पड़ा। बूंदी से गए अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी करतार सिंह ने बताया कि मंगलवार सुबह नौ बजे फिर से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू होगा। गौरतलब है कि तीस्ता नदी में 10 जुलाई को बूंदी के तीन युवक व चालक सहित कार तीस्ता नदी में गिर गई थी। इसके बाद से बूंदी से गए परिजन अपनों की तलाश में जुटे हैं।
ये थी घटना
गौरतलब है कि बूंदी के चैनरायजी का कटला निवासी अमन गर्ग (26), कागदी देवरा निवासी गोपाल नरवानी (24) व देवपुरा निवासी गौरव शर्मा (28) बंूदी से गंगटोक भ्रमण के लिए गए थे। वे 10 जुलाई सुबह 10.30 बजे सिलीगुडी के बागडोगरा एयरपोर्ट पर उतरे थे। जहां से किराए की कार से गंगटोक के लिए निकल गए थे। दोपहर 12.30 बजे सड़क पर पड़ी मिट्टी में कार फिसलकर तीस्ता नदी में जा गिरी। कार में चालक सहित चार जने थे। जिसमें से तीन दिन बाद गर्ग का शव मिल गया था, लेकिन चालक व दो युवकों का कुछ पता नहीं चला।
Published on:
23 Jul 2019 09:30 am
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