8 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

विज्ञान केन्द्र में बनेगा राजस्थान का पहला सरकारी 7D थिएटर

कोटा का पहला 7-डी थिएटर विज्ञान केन्द्र में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से बनवाया जा रहा है। इसमें फिल्म देखने पर वास्तविकता का आभास होगा।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

कोटा

•

image

Shailendra Tiwari

•

Updated: 31 Dec 2017, 9:35 AM IST

विज्ञान केन्द्र

विज्ञान केन्द्र

कोटा .

शहर का पहला 7-डी थिएटर डीसीएम रोड स्थित विज्ञान केन्द्र में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से बनवाया जा रहा है। इसमें फिल्म देखने पर वास्तविकता का आभास होगा। जैसे फिल्म के दृश्य में हवा चलने पर लगेगा कि थिएटर में भी हवा चल रही है। इसी प्रकार डायनासौर पर्दे पर आएगा तो लगेगा आपके पास से होकर गुजर रहा है। इनके अलावा केन्द्र में मॉडलों के जरिए तारामंडल को भी समझा जा सकेगा। विद्युत चुम्बक व पृथ्वी के गुरुत्वीय बल को समझाने के अवसर भी मिलेंगे। इससे बच्चों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ेगी। 7-डी थिएटर के निमार्ण में अलग-अलग योजनाओं पर राशि खर्च की जाएगी। इसके लिए प्रौद्योगिकी विभाग ने उच्चाधिकारियों को प्रस्ताव बनाकर भेजे हैं। थिएटर का निर्माण जल्द ही करवाया जाएगा। यह प्रदेश का पहला 7-डी थिएटर होगा।

Read More: कोटा वासियों ने अपने बूते बनाई राजस्थान की सबसे स्वच्छ और सुंदर कॉलोनी

उपकरण बताएंगे गुरुत्वाकर्षण शक्ति
विज्ञान केन्द्र में भौतिक विज्ञान से सम्बन्धित विभिन्न उपकरण स्थापित किए जाएंगे। इन उपकरणों के माध्यम से ध्वनि की तरंगों को मापने का सिद्धांत, विद्युत चुम्बकीय व चुम्बकीय प्रेरण, गुरुत्वाकर्षण शक्ति मापक यंत्र लगाए जाएंगे। भौतिक विज्ञान के विद्याथीज़् इसका लाभ उठा सकेंगे। उन्हें प्रयोग कर इन सिद्धांतों को समझाया जाएगा।


आणविक गैलेरी होगी विशेष
अणु बम, परमाणु बमों के बारे में अक्सर सुना जाता है, लेकिन अब विज्ञान केन्द्र में इनसे सम्बन्धित सिद्धांत को समझा भी जा सकेगा। यहां न्यूक्लीयर पावर कार्पोरेशन ऑफ इंण्डिया के सहयोग से आणविक गैलेरी स्थापित की जाएगी। इसमें अणु-परमाणु शक्ति की उपयोगिता व इसके सिद्धांतों को मॉडलों के माध्यम से समझाया जाएगा।


कुछ ओर भी नया
परिसर में पेंटिंग्स, प्लेनेटोरियम भी स्थापित किया जाएगा। इसके माध्यम से तारों की स्थिति, उनका विशिष्ट विन्यास और राशियों को समझाया जाएगा।

Read More: 3 साल से स्वच्छत्ता रैंकिंग में फिसड्डी कोटा, अव्वल आने के लिए निगम ठिकाने लगा रहा अपनी नाकामी


सेवन डी थिएटर
यह थ्री-डी का सुधारात्मक रूप है। इसे थ्री-डी का अपडेट वर्जन कहा जा सकता है। इसमें फिल्म देखने वाले को दृश्यों के अनुकूल आभास होगा। बरसात का दृश्य आता है तो दशज़्कों को बरसात की बूंदों में भीगने का अहसास होगा। डायनासोर पर्दे पर दिखेगा तो लगेगा सीट से होकर गुजरा है। यह रियलीटी शो की तरह होगा। इसमें फिल्म के साथ ही इफेक्ट डाले जाते हैं।


विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के विज्ञान केन्द्र परियोजना अधिकारी भुवनेश शर्मा ने बताया कि केन्द्र पर विद्यार्थियों को खेल-खेल में विज्ञान पढ़ाई जाएगी। इसके लिए यहां आने वालों को विभिन्न मॉडलों से समझाया जाएगा। 7-डी थिएटर विशेष होगा। अधिकारियों को इसका प्रस्ताव बनाकर भेजा है। संभवतया नए साल में योजनाओं को पूर्ण कर लिया जाएगा।