
कोटा. रोटेदा. मध्यप्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश से चम्बल नदी के सबसे बड़े गांधी सागर बांध में लगातार पानी की आवक हो रही है। इसके चलते कोटा बैराज के सभी 19 गेट खोलकर 6.70 लाख क्यूसेक पानी की निकासी की गई। चंबल उफनने से बूंदी जिले के रोटेदा कस्बे में बाढ़ आ गई। इससे कई लोगों के घर डूब गए। लेकिन, एक महिला अपने सपनों का आशियाना को डूबता देख बर्दाश्त नहीं कर सकी। उसे ऐसा सदमा लगा की शरीर से उसके प्राण ही निकल गए। परिजनों ने उसे अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
जानकारी के अनुसार रविवार दोपहर को कोटा बैराज के सभी 19 गेट खोल देने से बूंदी के रोटेदा कस्बे में बाढ़ आ गई। जहां कई लोगों के मकान डूब गए। इसी बीच राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के पास रहने वाले ज्ञानचंद सेन का कच्चा घर भी डूब गया। प्रशासन ने मुनादी करवाकर मकान खाली करवाए। सरकारी स्कूल में ही बाढ़ पीडि़तों के रहने की व्यवस्था की हुई थी।
ज्ञानचंद व उसकी पत्नी मनीषा सेन (27) भी अपना घर छोड़ स्कूल में शरण लेने चले गए। जहां रात गुजारने के बाद सोमवार सुबह मनीषा अपना घर देखने कस्बे में पहुंची। वहां उसका मकान ढह चुका था। जिसे देख उसे सदमा लगा और अचेत होकर गिर पड़ी। सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे और कापरेन अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। महिला की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस ने बताया कि परिजनों ने दर्ज करवाई रिपोर्ट में बताया कि घर ढहने के सदमे से महिला की मौत हुई है।
रोटेदा में बाढ़ के कारण महिला का मकान पानी में डूबने से क्षतिग्रस्त हो गया था, जो बाद में ढह गया। इससे महिला को सदमा लगा और उसकी मौत हो गई। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
हंसराज मीणा, एएसआई, कापरेन पुलिस थाना