यह स्कूल नर्सरी से संचालित होंगे। इनमें पहली से पांचवी कक्षा तक संस्कृत, हिन्दी, अंग्रेजी समान रूप से पढ़ाई जाएगी। विद्यार्थियों को वैदिक, योग, संस्कृत की जानकारी दी जाएगी। केन्द्र सरकार के समक्ष एक प्रस्ताव भेजा है, जिसमें कहा है कि सरकार सीबीएसई की तर्ज पर वैदिक शिक्षा बोर्ड का गठन करे। उन्होंने बताया कि अगले वर्ष से शहीद सैनिकों के बच्चों को भी पंतजलि नि:शुल्क शिक्षा दिलाने के साथ रोजगार के अवसर भी प्रदान करेगी।