आपको बताते चलें कि जहां एक ओर पूरा ललितपुर पानी की समस्या से जूझ रहा है, तो वहीं दूसरी ओर सभी राजनीतिक पार्टियां इसको भुनाने में लगी हुई है। यह मुद्दा हर वर्ष उठाया जाता है और बाद में शांत कर दिया जाता है। दूसरे शब्दों में कहें तो इस मुद्दे को वोट बैंक का मुद्दा कहा जा सकता है क्योंकि इस आयोजन से पहले आप पार्टी की जिला करीकारणी ने प्रदर्शन कर जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर पानी की मांग उठाई थी। उसके बाद समाजवादी पार्टी ने सड़क पर उतरकर मटका फोड़ो आंदोलन को अंजाम दिया और कलेक्ट्रेट परिसर में धरना प्रदर्शन कर जनपद वासियों के लिए पानी की मांग की।