
नर्इ दिल्ली।मंगलवार को जिस अनोखे तस्वीर को ट्वीटर पर साझा करते हुए महिन्द्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिन्द्रा ने निवेश की इच्छा जतार्इ थी, उस हस्पताल का पता उनकों मिल गया है। खास बात ये है की ट्वीटर पर ही उनके एक फाॅलोवर ने उन्हे इसके बारे में जानकारी दी। उनके नए ट्वीट के मुताबिक, ये जूतों का हस्पताल हरियाणा के जींद में है। जींद के पटियाला चौक पर मोची नरसीराम ने जूतों की अपनी ये अनोखी दुकान खोल रखी है। इसके बारे में जानकारी मिलने के बाद आनंद महिन्द्रा ने ट्वीट में लिखा कि वो अपने हरियाणा के डीलर को कहेंगे कि वो मोची नरसीराम के जल्द ही संपर्क करने की कोशिश करें।
ट्वीट करके निवेश की जतार्इ थी इच्छा
आपको बता दें कि मंगलवार को अानंद महिन्द्रा ने ट्वीटर पर एक खास तस्वीर को साझा करते हुए कहा था कि यदि उन्हें इसके बारें में अधिक जानकारी मिलती हैं तो वो जरूर इस खास स्टार्टअप में निवेश करेंगे। हालांकि आनंद महिन्द्रा ने जिस स्टार्टअप में निवेश करने की इच्छा जताया हैं वो नया तो नहीं हैं लेकिन इस स्टार्टअप में मार्केटिंग के लिए जो तरीक अपनाया गया है, वो अपने आप में बेहद खास है। आनंद महिन्द्रा को ये मार्केटिंग का तरीका इतना भा गया कि वो इस स्टार्टअप में निवेश करने के लिए इच्छुक हो गए।
ट्वीट करके साझा की खास तस्वीर
अपने आधिकारिक ट्वीटर हैंडल से ये बात साझा करते हुए आनंद महिन्द्रा ने बताया कि ये उन्हें व्हाट्सएेप पर एक तस्वीर मिली है। इस तस्वीर में एक व्यक्ति ने जूतों की मरम्मत की अपी दुकान में "जख्मी जूतों का हस्पताल" नाम से बैनर लगाया है। यही नहीं, इस व्यक्ति ने अपने आप को डाॅ नरसीराम बताया है। इस तस्वीर को देखने के बाद आनंद महिन्द्रा इतना प्रभावित हुए कि ट्वीटर पर उन्होंने यहां तक कह दिया कि ये व्यक्ति भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) में मार्केटिंग का अध्यापक बनने लायक है।
अस्पताल की तर्ज पर बनाया बैनर
इस शख्स से अस्पताल के तर्ज पर अपने बैनर में आैर भी कर्इ तरह की जानकारी दे रखा है। जैसे आेपीडी प्रात: 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक, लंच का समय दोपहर 1 बजे से 2 बजे तक, सायं 2 बजे से 6 बजे तक हस्पताल खुला रहेगा। अपने दुकान पर लगाए बैनर में इस व्यक्ति ने जूतों की मरम्मत के लिए जर्मन तकनीक के इस्तेमाल करने का दावा भी किया है।
इस स्टार्टअप में निवेश करने की जतार्इ इच्छा
इसके साथ उन्होंने दूसर ट्वीट भी किया, जिसमें उन्होंने इस 'जख्मी जूतों के हस्पताल' वाली तस्वीर के बारे में बताया कि ये उन्हें व्हाट्सएेप पर मिली थी। उन्होंने ये भी बताया कि उन्हें नहीं पता कि ये तस्वीर कहां की है। यदि कोर्इ इस खास तस्वीर वाले शख्स को ढूंढता है आैर वो अब भी यही काम करता हो तो आनंद महिंन्द्रा उसके इस अनोखे स्टार्टअप में निवेश करना चाहेंगे।
Published on:
18 Apr 2018, 11:11 AM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.