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टाटा मोटर्स को हुआ 1800 करोड़ रुपए से भी ज्यादा का नुकसान

वित्त वर्ष 2019 की पहली तिमाही के नतीजे जारी कर दिये गए हैं। इन नतीजो के आने के बाद जहां ये देखने को मिला की मुकेश अंबानी की रिलायंस बड़े मुनाफे के साथ देश की सबसे बड़ी कंपनी बन गई हैं।
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नई दिल्ली

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Manish Ranjan

•

Updated: 1 Aug 2018, 9:55 AM IST

tata motors

टाटा मोटर्स को हुआ 1800 रुपए से भी ज्यादा का नुकसान

नई दिल्ली। वित्त वर्ष 2019 की पहली तिमाही के नतीजे जारी कर दिये गए हैं। इन नतीजो के आने के बाद जहां ये देखने को मिला की मुकेश अंबानी की रिलायंस बड़े मुनाफे के साथ देश की सबसे बड़ी कंपनी बन गई हैं। तो वहीं ये भी देखने को मिला है की टाटा मोटर्स जैसी बड़ी कंपनी को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है। पहली तिमाही में टाटा मोटर्स को तकरीबन 1863 करोड़ रुपए का घाटा हुआ। तो वहीं वेदांता लिमिटेड को 2,248 करोड़ रुपए का प्रॉफिट और यूपीएल को 514 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ है।

टाटा मोटर्स को हुआ नुकसान

पहली तिमाही में टाटा मोटर्स ने 1,863 करोड़ रुपये का घाटा दर्ज किया है, जिसमें कंपनी के लक्जरी कार इकाई जगुआर लैंड रोवर (जेएलआर) में हुए नुकसान की प्रमुख भूमिका रही। वाहन दिग्गज ने एक साल पहले की समान अवधि में 3,200 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था।समीक्षाधीन तिमाही में कंपनी का परिचालन राजस्व पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही की तुलना में 14.7 फीसदी बढ़कर 67,081 करोड़ रुपये रहा।

सहयोगी कंपनी को भी हुआ बड़ा नुकसान

कंपनी की ब्रिटेन की सहयोगी कंपनी जेएलआर ने अप्रैल-जून तिमाही में कुल 21 करोड़ पाउंड का नुकसान दर्ज किया है।इस दौरान, जेएलआर के राजस्व में साल-दर-साल आधार पर 6.7 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई, जोकि 522.2 करोड़ पाउंड रहा। सालाना आधार पर पहली तिमाही में टाटा मोटर्स जेएलआर का एबिटडा मार्जिन 170 बेसिस पॉइंट घटकर 6.2 फीसदी रहा है।

चीन में लगने वाली ड्यूटी में हुए बदलाव

जेएलआर के कारोबार पर चीन में लगने वाली ड्यूटी में हुए बदलावों, डी-स्टॉकिंग और फॉरेक्स उतार-चढ़ाव का प्रतिकूल असर पड़ा है। टाटा मोटर्स के अध्यक्ष नटराजन चंद्रशेखरन के हवाले से एक बयान में कहा गया है, "जहां तक जेएलआर का सवाल है, हमें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जिसमें चीन में ड्यूटी बढ़ने का प्रभाव और ब्रिटेन और यूरोप के बाजारों में डीजल को लेकर चिंता का बाजार पर प्रभाव प्रमुख है।" समीक्षाधीन तिमाही में हालांकि, कंपनी के भारतीय परिचालन (स्टैंडअलोन) ने 1,188 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया है तथा कंपनी का राजस्व साल-दर-साल आधार पर 83 फीसदी बढ़कर 16,803 करोड़ रुपये हो गया।