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बैंक अधिकारियों ने सोने की कानबाली के बदले नीरव मोदी को दिया एलओयू

सीबीआई ने मुंबई कोर्ट को बताया कि, नीरव मोदी ने बैंक अधिकारियों को घूस के तौर पर सोने और डायमंड की ज्वेलरी पिछले साल अक्टूबर में दिया था।
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नई दिल्ली

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Manish Ranjan

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Updated: 4 Mar 2018, 2:07 PM IST

PNB Scam

नई दिल्ली। देश के दूसरे सबसे बड़ी सरकारी बैंक पंजाब नेशनल बैंक में हजारों करोड़ के घोटाले के बाद अब आए दिन जांज एजेंसियां नए खुलासे कर रहीं है। इस कड़ी में अब एक और खुलासा सामने आ रहा है। पीएनबी घोटाले के मुख्य आरोपी नीरव मोदी ने बैंक अधिकारियों को अपना काम निकलवाने के लिए सोने और डायमंड की ज्वेलरी घूस के तौर पर दिया था। केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने शनिवार को मुंबई कोर्ट को इसके बारे में जानकारी दी। सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि, नीरव मोदी ने बैंक अधिकारियों को घूस के तौर पर सोने और डायमंड की ज्वेलरी पिछले साल अक्टूबर में दिया था। आपको बता दें कि सीबीआई ने इस मामले में अब तक कुल 14 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।


घूस में दिया सोने के सिक्के और कान की बाली

कोर्ट को बताते हुए सीबीआई ने कहा की, पूछताछ में मुंबई के बै्रडी हाउस ब्रांच में साल 2015 से 2017 तक फॉरेक्स विभाग के मैनेजर पद पर रहे यशवंत जोशी ने घूस के तौर पर ज्वेलरी लेने की बात स्वीकार किया है। बता दें कि पीएनबी के इसी ब्रांच से इस घोटाले को अंजाम दिया गया था। सीबीआई ने आगे बताया कि यशवंत जोशी ने इस बात को कबूल किया है कि उसने सोने के दो सिक्के, सोने और हीरे की कान की बालियां घूस के तौर पर लिया है। सीबीआई ने अपने जांच के दौरान इन ज्वूलरी को यशवंत के घर से बरामद किया है।


अधिकारियों ने जानबूझ कर किया स्विफ्ट मैसेज को नजरअंदाज

कोर्ट में सीबीआई ने ये भी दावा किया है कि यशवंत ने नीरव मोदी को फायदा पहुंचने के लिए घूस के बदले में गलत लेटर ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एलआयू) जारी किया था। वहीं एक दूसरे खुलासे में सीबीआई ने बताया कि, पीएनबी के एक और स्केल 1 अधिकारी ने जानबूझ के स्विफ्ट मैसेज को नजरअंदाज किया था। इस अधिकारी का नाम प्रफुल सावंत बताया गया है। इस घोटाालें की जांच में मुख्य रुप से पीएनबी के दो निम्न स्तर के कर्मचारियों पर गलत एलओयू जारी कर नीरव मोदी और उसकी कंपनी डायमंड फायरस्टार को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। इसके अलावा अभी हाल ही में सीबीआई ने 2 आंतरिक ऑडिटर्स को भी गिरफ्तार किया था। जिनसे अभी पूछताछ की प्रक्रिया चल रही है।