1 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

27 साल की उम्र में खड़ी की सात हजार करोड़ की कंपनी

अंकिती बोस 27 साल की उम्र में 27 हजार करोड़ की कंपनी चलाने वाली एशिया की सबसे युवा मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीइओ) हैं। ये मूल रूप से बेंगलुरु की रहने वाली हैं और इनके पिता राज्य की तेल कंपनी में इंजीनियर हैं। मां ने इनके लिए अपनी लेक्चरर की नौकरी छोड़ दी थी जिससे इनकी पढ़ाई अच्छे से पूरी हो सके।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जयपुर

•

image

Manish Kumar Singh

•

Updated: 2 Mar 2019, 4:29 PM IST

buseness, ankiti bose, technology

27 साल की उम्र में खड़ी की सात हजार करोड़ की कंपनी

अंकिती बोस 27 साल की उम्र में 27 हजार करोड़ की कंपनी चलाने वाली एशिया की सबसे युवा मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीइओ) हैं। ये मूल रूप से बेंगलुरु की रहने वाली हैं और इनके पिता राज्य की तेल कंपनी में इंजीनियर हैं। मां ने इनके लिए अपनी लेक्चरर की नौकरी छोड़ दी थी जिससे इनकी पढ़ाई अच्छे से पूरी हो सके। पिता का बार-बार तबादला होता रहता था इसलिए इनकी पढ़ाई एक स्कूल से नहीं हो सकी। इंडानेशिया और थाईलैंड में फैशन की ई-कॉमर्स वेबसाइट चला रही हैं। जल्द ही ऑस्ट्रेलिया में इसे लॉन्च करेंगी। कंपनी को जब शुरू कराया तब ये लगातार 18-18 घंटे तक काम करती थीं जिसमें इनके दोस्त धु्रव ने इनकी पूरी मदद की थी।

ंइनका पसंदीदा विषय मैथ्स और अर्थशास्त्र है जिसे समझने के लिए ये स्कूल के दौरान से ही कड़ी मेहनत करती थीं। इंजीनियरङ्क्षग की पढ़ाई पूरी होने के बाद 24 साल की उम्र में इन्हें एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में सॉफ्टवेयर कंपनी में नौकरी मिल गई। चार महीने तक काम करने के बाद इन्हें आइडिया आया कि क्यों न खुद का बिजनेस किया जाए। दोस्त के साथ मिलकर 21 लाख रुपए के निवेश से जिलिगो नाम की कंपनी शुरू की जो ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है और छोटे व्यापारियों को बिजनेस खड़ा करने में मदद करती है।

पिचबुक के आंकड़ों के अनुसार महिलाओं के जरिए करीब 239 स्टार्टअप शुरू किए गए हैं जिसमें सिर्फ 23 महिलाएं हैं और उनमें ये सबसे युवा हैं। इनका मानना है कि कुछ व्यापारी तकनीक के अभाव में अपने व्यापार को बढ़ा नहीं पाते हैं। इसी को देखते हुए ये फैसला लिया गया जिसका असर लाजवाब है। ये कच्च माल उपलब्ध कराने और उत्पादों की बिक्री के लिए काम करती हैं और एक ऑर्डर के लिए 10 से 20 फीसदी कमीशन लेती हैं। 2015 में कंबोडिया और थाईलैंड से कंपनी की शुरुआत हुई थी। आठ देशों में 400 से अधिक कर्मचारी इनके लिए काम कर रहे हैं।