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वृंदावन: निधिवन के दरवाजे शाम होते ही क्यों हो जाते हैं बंद, रात में यहां क्यों नहीं रुकते लोग; UP Tourism ने बताया क्या है मान्यता

Nidhi Van Mystery: जन्माष्टमी पर जहां भगवान कृष्ण से जुड़े सभी मंदिर और जगहें खुली रहती हैं, वहीं शाम के बाद निधिवन के दरवाजे क्यों बंद कर दिए जाते हैं और यहां रात में रुकने की परंपरा क्यों नहीं है। आइए जानते हैं।
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Nidhi Van, Nidhi Van Mystery

Nidhi Van (file photo)image credit instagram/uttarpradeshtourism

Nidhi Van Vrindavan: भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव हर साल बड़े धूमधाम से भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। जन्माष्टमी के दिन घरों और मंदिरों से लेकर भगवान कृष्ण से जुड़े सभी स्थानों को सजाया जाता है। साथ ही लड्डू गोपाल का खास श्रृंगार किया जाता है और रात 12 बजे पूजा, आरती और भोग लगाकर विधिपूर्वक जन्मोत्सव मनाया जाता है। लेकिन वृंदावन में ही भगवान कृष्ण से जुड़ी एक ऐसी जगह है, जहां रात के समय जाने से मना किया जाता है। आइए जानते हैं क्यों।

निधिवन क्यों है खास

उत्तर प्रदेश टूरिज्म के इंस्टाग्राम चैनल पर शेयर की गई जानकारी के अनुसार, निधिवन को लेकर मान्यता है कि शाम होने के बाद यहां श्रीकृष्ण राधा रानी और गोपियों के साथ रास रचाने आते हैं। इसी विश्वास के चलते सूर्यास्त के बाद निधिवन के दरवाजे बंद कर दिए जाते हैं। रात के समय यहां किसी के रुकने की परंपरा भी नहीं है।

शाम के बाद क्यों बंद हो जाता है निधिवन

निधिवन को लेकर स्थानीय लोगों और भक्तों के बीच खास मान्यता श्रीकृष्ण और राधा रानी की रासलीला से जुड़ी है। कहा जाता है कि दिन में भक्त यहां दर्शन और पूजा के लिए आते हैं, लेकिन शाम ढलने के बाद पूरा परिसर खाली कर दिया जाता है। इसके बाद यहां किसी को रुकने की अनुमति नहीं होती।

निधिवन के बारे में मान्यता पर पुंडरीक गोस्वामी की राय जानिए

जन्माष्टमी पर वृंदावन जाने वालों के लिए खास जगह

जन्माष्टमी के मौके पर कई लोग श्रीकृष्ण से जुड़े धार्मिक स्थानों की यात्रा भी करते हैं। इनमें उत्तर प्रदेश का वृंदावन खास जगह रखता है। ऐसे में अगर आप इस साल जन्माष्टमी के मौके पर भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े स्थानों की यात्रा का प्लान बना रहे हैं, तो निधिवन जाने का भी प्लान बना सकते हैं। यहां की सबसे खास बात इससे जुड़ी रासलीला की मान्यता और सूर्यास्त के बाद परिसर का बंद होना है। यही बातें इसे खास बनाती हैं।

निधिवन कैसे पहुंचें

अगर आप ट्रेन से निधिवन जाने का प्लान बना रहे हैं, तो यहां का मथुरा जंक्शन सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन है। आप अपने शहर से मथुरा जंक्शन का टिकट ले सकते हैं। इसके बाद मथुरा जंक्शन से निधिवन की दूरी करीब 12 से 14 किलोमीटर है। स्टेशन से आप ऑटो, ई रिक्शा या टैक्सी लेकर आसानी से निधिवन पहुंच सकते हैं।

आस-पास घूमने की जगहें

निधिवन घूमने के बाद आप वृंदावन की आसपास की कई खास जगहों पर भी जा सकते हैं। निधिवन से कुछ ही दूरी पर बांके बिहारी मंदिर है, जो वृंदावन के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में गिना जाता है। इसके अलावा इस्कॉन वृंदावन, प्रेम मंदिर और राधा रमन मंदिर भी जा सकते हैं।