5 नवंबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

224 रिटायर्ड ब्यूरोक्रेट्स ने CM योगी को फिर लिखा पत्र, लव जिहाद कानून को लेकर कही बहुत बड़ी बात

धर्मांतरण कानून को लेकर 104 पूर्व अफसरों के विरोध के बाद अब 224 रिटायर्ड ब्यूरोक्रेट्स एंटी लव जिहाद कानून के समर्थन में उतर आये आए हैं।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

लखनऊ

•

image

Nitin Srivastva

•

Updated: 5 Jan 2021, 10:45 AM IST

224 रिटायर्ड ब्यूरोक्रेट्स ने CM योगी को फिर लिखा पत्र, लव जिहाद कानून को लेकर कही बहुत बड़ी बात

224 रिटायर्ड ब्यूरोक्रेट्स ने CM योगी को फिर लिखा पत्र, लव जिहाद कानून को लेकर कही बहुत बड़ी बात

लखनऊ. धर्मांतरण कानून को लेकर 104 पूर्व अफसरों के विरोध के बाद अब 224 रिटायर्ड ब्यूरोक्रेट्स एंटी लव जिहाद कानून के समर्थन में उतर आये आए हैं। 104 पूर्व अफसरों द्वारा धर्मांतरण कानून के खिलाफ लिखे गए पत्र के बाद अब 224 रिटायर्ड ब्यूरोक्रेट्स ने भी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक पत्र लिखा और एंटी लव जिहाद कानून को सही बताया है। सीएम योगी को लिखे पत्र में 224 पूर्व अफसरों ने जबरन धर्मांतरण कानून को सही ठहराया और कहा है कि इससे महिलाओं की गरिमा सुरक्षित होगी। इस कानून को जाति धर्म से ऊपर उठकर सभी पर लागू करना चाहिए।

नफरत की राजनीति का आरोप

आपको बता दें कि पिछले हफ्ते 104 ब्यूरोक्रेट्स ने पत्र लिखकर सरकार पर नफरत की राजनीति का आरोप लगाते हुए एंटी लव जिहाद कानून को वापस लेने की मांग की थी। अब 224 पूर्व अफसरों के दस्तखत वाले इस पत्र उसी के जवाब के रूप में देखा जा रहा है। पत्र लिखने वालों में पूर्व आईएएस, रिटायर्ड जज और कई शिक्षाविद भी शामिल हैं। सीएम को लिखे इस पत्र में आलोचकों पर भी निशाना साधा गया है। इस कानून को गैर कानूनी और मुस्लिम विरोधी बताने वालों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए कहा गया है कि ऐसे लोग देश को साम्प्रदायिकता के आग में झोंकना चाहते हैं। साथ ही कहा गया है कि ऐसे लोग हजारों पूर्व अफसरों का नेतृत्व नहीं करते।

सरकार का कानून बनाना सही

प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव योगेंद्र नारायण की अगुवाई में लिखी गयी इस चिट्ठी में कहा गया है कि सरकार को कानून बनाने का पूरा हक है। मुख्यमंत्री को संविधान की सीख देना सरासर गलत है। पत्र में मांग की गई है कि देश की अन्य सरकारें भी सामाजिक सद्भाव बनाए रखने के लिए इस तरह के कानून लागू करें। पत्र पर पंजाब के पूर्व मुख्य सचिव सर्वेश कौशल, हरियाणा के पूर्व मुख्य सचिव धरमवीर, दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस राजेंद्र मेनन और पूर्व राजदूत लक्ष्मी पूरी समेत तमाम अन्य लोगों के भी दस्तखत हैं।

यह भी पढ़ें: लखनऊ में बाजारों की साप्ताहिक बंदी की लिस्ट, किस दिन कहां की मार्केट रहेगी बंद, पूरी डीटेल