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UP Politics: अखिलेश का 2027 प्लान, हर सीट पर 27 हजार वोट बढ़ाने का लक्ष्य, भाजपा पर बरसे

Akhilesh Yadav press: सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने 2027 में हर विधानसभा सीट पर 27 हजार वोट बढ़ाने का लक्ष्य बताया। उन्होंने भाजपा सरकार पर फर्जी मुकदमों, महंगाई और पेपर लीक को लेकर निशाना साधा।
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लखनऊ

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Ritesh Singh

Sep 20, 2026

सपा प्रमुख ने कहा- हर विधानसभा में 27 हजार वोट बढ़ाने का लक्ष्य, अयोध्या जमीन मामले को लेकर भाजपा पर लगाए आरोप (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )

सपा प्रमुख ने कहा- हर विधानसभा में 27 हजार वोट बढ़ाने का लक्ष्य, अयोध्या जमीन मामले को लेकर भाजपा पर लगाए आरोप (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )

UP 2027 Elections: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी की रणनीति और भाजपा सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। लखनऊ में पत्रकार वार्ता के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि यदि 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो भाजपा सरकार के कार्यकाल में दर्ज किए गए फर्जी मुकदमों की समीक्षा कर उन्हें समाप्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को चुनाव की तैयारी अभी से शुरू करनी होगी और प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में सपा के वोट बढ़ाने के लिए काम करना होगा।

अखिलेश यादव ने कहा कि पार्टी ने हर विधानसभा सीट पर 27 हजार वोट बढ़ाने का लक्ष्य तय किया है। उन्होंने कहा कि इसके लिए संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय किया जाएगा और कार्यकर्ताओं को मतदाता सूची समेत चुनावी तैयारियों पर नजर रखने के निर्देश दिए जाएंगे। आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सपा पहले से ही संगठनात्मक गतिविधियां तेज कर रही है। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक पार्टी अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में प्रस्तावित पीडीए रथ यात्रा के जरिए प्रदेशव्यापी अभियान की तैयारी भी कर रही है।

फर्जी मुकदमों की समीक्षा का दावा

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में विपक्षी नेताओं, कार्यकर्ताओं और सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वालों पर मुकदमे दर्ज किए गए। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने पर ऐसे मामलों की समीक्षा कराई जाएगी और जो मुकदमे राजनीतिक दुर्भावना या गलत तरीके से दर्ज किए गए पाए जाएंगे, उन्हें नियमानुसार समाप्त कराने की कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले भी अखिलेश यादव प्रदेश सरकार पर कानूनों के कथित दुरुपयोग और विपक्ष को निशाना बनाने के आरोप लगा चुके हैं। उन्होंने कहा था कि सरकार कानून और संविधान के मुताबिक काम नहीं कर रही है तथा पुलिस और प्रशासन को मनमाने ढंग से काम करने की छूट दी गई है। इन आरोपों को राज्य सरकार की ओर से स्वीकार किया गया तथ्य नहीं माना जा सकता; ये सपा अध्यक्ष के राजनीतिक दावे हैं।

हर विधानसभा में 27 हजार वोट बढ़ाने की रणनीति

सपा प्रमुख ने 2027 के चुनाव को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं के सामने वोट बढ़ाने का लक्ष्य भी रखा। उन्होंने कहा, “हम सब लोगों ने मिलकर के ये फैसला लिया है कि हम हर विधानसभा में 27000 वोट बढ़ाने का काम करेंगे।”

उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि चुनाव केवल बड़े नेताओं की सभाओं से नहीं जीते जाते, बल्कि बूथ स्तर पर संगठन की सक्रियता और मतदाताओं से लगातार संपर्क भी महत्वपूर्ण है। इसी क्रम में मतदाता सूची और बूथ प्रबंधन पर ध्यान देने की बात कही गई। हाल के दिनों में अखिलेश यादव ने मतदाता सूची की संभावित समीक्षा को लेकर भी पार्टी कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने को कहा है। उन्होंने आशंका जताई है कि चुनाव से पहले मतदाता सूची की प्रक्रिया में गड़बड़ी हो सकती है। यह उनकी ओर से व्यक्त राजनीतिक आशंका है, जिसे तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता।

अयोध्या जमीन मामले का उठाया मुद्दा

प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने अयोध्या में जमीन से जुड़े मामलों को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने इसे प्रदेश के सामने कथित घोटालों के उदाहरण के तौर पर पेश किया। हालांकि ऐसे मामलों में आरोप और राजनीतिक दावों की पुष्टि संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया से ही होती है। अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर जनता के बीच सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर जनता को जवाब मिलना चाहिए।

आंबेडकर की मूर्तियों को लेकर सवाल

सपा अध्यक्ष ने डॉ. भीमराव आंबेडकर की मूर्तियों को नुकसान पहुंचाए जाने का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में प्रदेश के 71 जिलों में आंबेडकर की 151 मूर्तियां तोड़ी गईं और हर साल औसतन 15 मूर्तियां तोड़े जाने की बात कही। उन्होंने बलिया, गोरखपुर और मथुरा का विशेष रूप से उल्लेख किया। इन आंकड़ों और दावों के संबंध में स्वतंत्र आधिकारिक सत्यापन इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है, इसलिए इन्हें अखिलेश यादव के दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए। सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि भाजपा संविधान और डॉ. आंबेडकर के विचारों के प्रति सम्मान का दावा करती है, लेकिन जमीन पर स्थिति अलग है।

संविधान और आंबेडकर को लेकर भाजपा पर हमला

अखिलेश यादव ने कहा कि डॉ. आंबेडकर ने देश को संविधान दिया और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह संविधान और आंबेडकर के विचारों को पर्याप्त महत्व नहीं देती। सपा अध्यक्ष के बयान ऐसे समय आए हैं जब 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारियां तेज हो रही हैं। भाजपा और सपा दोनों ही संगठनात्मक स्तर पर अपनी गतिविधियां बढ़ा रहे हैं और मतदाता समूहों तक पहुंच बनाने पर जोर दे रहे हैं।

महंगाई और शिक्षा व्यवस्था का मुद्दा

अखिलेश यादव ने महंगाई को लेकर भी भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा, तहसील और थानों से जुड़ी व्यवस्थाओं में कथित भ्रष्टाचार और वसूली के कारण आम जनता की समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रही है। उनका कहना था कि सरकार की नीतियों का असर आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है, लेकिन सत्ता पक्ष को महंगाई दिखाई नहीं दे रही है। उन्होंने रोजगार और शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। सपा अध्यक्ष पहले भी बेरोजगारी, परीक्षा व्यवस्था और पेपर लीक के मुद्दे उठाते रहे हैं।

पेपर लीक पर सरकार को घेरा

अखिलेश यादव ने दावा किया कि देश में जितने भी पेपर लीक हुए हैं, उनमें उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक मामले सामने आए हैं। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों को प्रमुखता से उठाया। पेपर लीक के मुद्दे पर राजनीतिक दलों के बीच लगातार आरोप-प्रत्यारोप होते रहेहैं। किसी भी मामले में वास्तविक स्थिति संबंधित जांच, एफआईआर और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर तय होती है। अखिलेश यादव ने इस मुद्दे को 2027 के चुनावी विमर्श का हिस्सा बनाने के संकेत दिए।

2027 के लिए संगठन पर जोर

समाजवादी पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। अखिलेश यादव का 27 हजार अतिरिक्त वोट का लक्ष्य इसी संगठनात्मक रणनीति का हिस्सा बताया जा रहा है। पार्टी की ओर से पीडीए आधारित प्रदेशव्यापी अभियान की भी तैयारी की जा रही है। अखिलेश यादव ने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे जनता के बीच जाकर स्थानीय समस्याओं को समझें और संगठन को मजबूत करें। उन्होंने चुनाव को लेकर पार्टी के भीतर लगातार समीक्षा और तैयारियों पर जोर दिया।

चुनावी माहौल में बढ़ेगी राजनीतिक बयानबाजी

उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव अभी दूर है, लेकिन राजनीतिक दलों की गतिविधियां लगातार तेज हो रही हैं। सपा जहां सरकार के खिलाफ महंगाई, रोजगार, कानून-व्यवस्था और कथित भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे उठा रही है, वहीं भाजपा संगठनात्मक स्तर पर अपनी तैयारियां बढ़ा रही है।

अखिलेश यादव के ताजा बयान से साफ है कि सपा आने वाले चुनाव में सरकार के कामकाज के साथ-साथ कथित फर्जी मुकदमों, संविधान, डॉ. आंबेडकर, पेपर लीक और महंगाई जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाने की तैयारी में है। वहीं, उनके 27 हजार वोट बढ़ाने के लक्ष्य को पार्टी की बूथ स्तर की चुनावी रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। आगामी महीनों में इन मुद्दों को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने की संभावना है।