24 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

पुलवामा में आतंकवादियों से भिड़ंत में शहीद हुआ यूपी का लाल, अखिलेश यादव ने कहा यह

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पुलवामा में आतंकवादियों से भिड़त के दौरान कानपुर निवासी रोहित यादव (25) के निधन पर शोक व्यक्त किया है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

लखनऊ

•

image

Abhishek Gupta

•

Updated: 17 May 2019, 10:22 PM IST

Akhilesh Rohit

Akhilesh Rohit

लखनऊ. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पुलवामा में आतंकवादियों से भिड़त के दौरान कानपुर निवासी रोहित यादव (25) के निधन पर शोक व्यक्त किया है। दरअसल गुरुवार को कश्मीर के पुलवामा में सेना के जवानों की आतंकियों से अचानक भिड़ंत हो गई, जिसमें 6 आतंकियों को तो मार गिराया गया, लेकिन कानपुर देहात के डेरापुर निवासी 17 राजपूत रेजीमेंट के जवान रोहित यादव शहीद हो गए। खबर की सूचना मिलते ही रोहित के गृह जनपद में मातम का माहौल पसरा हुआ है। वहीं परिवार में कोहराम मच गया है। रोहित यादव 17वीं राजपूताना राइफल्स की 44वें आतंकवाद निरोधक दस्ते में शामिल थे।

ये भी पढे़ं- यूपी में लोकसभा चुनाव की मतगणना को लेकर आई खबर, आखिरी चरण का मतदान खत्म होने से पहले शुरू हुआ यह कार्य

अखिलेश ने जताया दुख-

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस पर गहरा शोक व्यक्त किया। सपा मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि जम्मू कश्मीर के शोफिया मुठभेड़ में घायल रोहित यादव के निधन पर अखिलेश यादव ने गहरा दुःख जताते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है। 44वीं राजपूत के जवान रोहित यादव कानपुर के निवासी थे। गुरूवार को आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान वे घायल हो गए थे। बाद में उनका निधन हो गया।

ये भी पढ़ें- पुलिस आरक्षी भर्ती मामले में हुआ बड़ा खेल, अभ्यर्थियों ने मांगी इच्छामृत्यु

पिता को है बेटे पर गर्व-

शहीद के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उनका कहना है रोहित 1 माह की छुट्टी लेकर घर आया था। छुट्टियां बिताने के बाद वह 16 अप्रैल को ड्यूटी के लिए पहुंचा था। व्यवहार से हँसमुख होने के साथ ही वह खेलकूद में निपुण था। वहीं रोहित के पिता को जहां एक तरफ गर्व है कि उनका बेटा देश के लिए शहीद हुआ है, तो वहीं दूसरी तरफ इस बात का गम भी है कि अब वह कभी लौट कर नहीं आएगा।