
बाल सुधार गृह में खूनी संघर्ष, 15 बाल बंदी घायल, सामने आ रहा शारीरिक शोषण का मामला
हरदोई. जिले के बाल सुधार गृह में शनिवार को दो गुटों में खूनी संघर्ष हो गया, जिसमें 15 बंदी घायल हुए हैं। बवाल की सूचना पर एसपी विपिन कुमार मिश्र भारी पुलिस फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे और बिगड़ते हालातों पर काबू पाया। घटना के बाद सभी घायल बाल कैदियों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। पूरे बबाल के पीछे कम उम्र के बाल बन्दियों के साथ बड़े बाल बन्दियों द्वारा कुकर्म किये जाने के आरोप सामने आये हैं। मामले में नशेबाजी के साथ बाल सुधार गृह में तैनात कर्मचारियों की लापरवाही और धन उगाही के साथ जिम्मेदारों की बेखबरी भी प्रथम द्रष्टया लग रही है। एसपी विपिन मिश्र ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। बन्दियों के इस आपसी संघर्ष में घायलों का उपचार कराया गया है।
शनिवार की रात नशे और शारीरिक शोषण को लेकर दो गुटों में हुई मारपीट ने हंगामे का रूप ले लिया। खूनी संघर्ष में बाल बंदियों के घायल होने की सूचना पर एसपी समेत आला अधिकारी और कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची थी। सभी बंदियों को जो गंभीर रूप से घायल हुए उन्हें एम्बुलेंस से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
सामने आई जेल में खूनी संघर्ष की बड़ी वजह!
सामने आया है कि हरदोई के बाल बंदी गृह में छोटे और बड़े दोनों बाल बंदी रखे जाते हैं, जहां बड़े बच्चों द्वारा छोटे बच्चों का यौन उत्पीड़न की कोशिश की जाती है, जिसके चलते ये खूनी संघर्ष हुआ है। बताया जा रहा है कि फर्जी दस्तावेजों के अधार पर कुछ लोग नाबालिग बनकर छोटे बच्चों का शोषण करते हैं।
एसपी बोले- हो रही है मामले की जांच
एसपी विपिन मिश्र ने कहा कि पूरे मामले की जांच की जा रही है, साथ ही आपसी संघर्ष में घायल बंदियों को उपचार के लिये जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पहले भी हो चुका है बबाल
शहर स्थित बाल सुधार गृह में सब कुछ ठीक नहीं है। यहां बडे बाल बन्दी ही नहीं, कर्मचारियों पर भी बाल बन्दियों के साथ गलत व्यवहार करने और नशे बाजी से लेकर कुकर्म के आरोप लगते रहते हैं। इसके बाद भी मामले के निपट जाने के बाद फिर से जिम्मेदार वेखबर हो जाते हैं। कुछ समय पूर्व बड़ा बबाल हुआ था जब बाल बन्दियों ने बन्दी रक्षकों की राइफलें छीन कर घण्टों फायरिंग करते हुए उपद्रव किया था। तब काफी गंभीर आरोप लगे थे और जिला प्रशासन ने कार्यवाही की थी। इसके बाद भी जिम्मेदार इस ओर नियमित निरीक्षण और संवेदनशीलता और व्यवस्था के प्रति सजग नहीं है, जिसके कारण एक बार फिर यह बड़ी घटना हो गई।
Published on:
27 May 2018, 11:57 AM IST
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