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अभिनेत्री रवीना टंडन ने यूपी में इस बात पर जताई चिंता, अखिलेश यादव ने दिया समर्थन, कहा यह

बॉलीवुड फिल्मों की अभिनेत्री रवीना टंडन ने यूपी में इस ओर लोगों का ध्यान खींचने की कोशिश की है और इस पर चिंता जताई है।
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लखनऊ

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Abhishek Gupta

•

Oct 14, 2018

Akhilesh Raveena

Akhilesh Raveena

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में कुछ महत्वकाक्षी प्रोजक्ट्स हैं जिनके लिए प्रकृति के नियमों को तोड़ा जा रहा है। बॉलीवुड फिल्मों की अभिनेत्री रवीना टंडन ने इस ओर लोगों का ध्यान खींचने की कोशिश की है और इस पर चिंता जताई है। जिसे यूपी के पूर्व सीएम व समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने समर्थन दिया है।

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यह है मामला-

दरअसल करीब 500 किलोमीटर लंबे इंडो-नेपाल बार्डर रोड प्रोजेक्ट के लिए यूपी में जल्द ही 55,000 पेड़ काटे जाएंगे। यूपी के पीडब्ल्यूडी विभाग को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। नेपाल सीमा के साथ छह जिलों में फैले दो बाघ अभयारण्यों और तीन वन्यजीव अभ्यारण्य से होते हुए इस सड़क का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना के लिए मुख्य रूप से उन क्षेत्रों व तरई क्षेत्रों के पेड़ों को काटा जाएगा जो बाघ, तेंदुए, भालू, हिरण, पक्षियों सहित कई जानवरों की विलुप्त होती प्रजातियों का घर है। सीएम योगी ने संबंधित अधिकारियों को परियोजना पर काम करने के निर्देश दे दिए हैं, हालांकि उन्होंने साथ में यह भी कहा है कि कोशिश करें कि जानवर इससे कम से कम प्रभावित हों।

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रवीना टंडन ने कहा यह-

फिल्म मोहरा की अभिनेत्री रवीना टंडन ने इस ओर चिंता जताई है। उन्होंने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट में एक इससे संबंधित एक खबर को शेयर करते हुए कहा कि बौद्ध के अनुसार जंगल में सबसे सीधे खड़े पेड़ों को ही काटा जाता है।

अखिलेश यादन ने किया रवीना का समर्थन-

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रवीना टंडन के इस ट्वीट को अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर रिट्वीट करते हुए उनका चिंता को जायज ठाहराया और लिखा कि एक तरफ़ देश के मुखिया अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हरियाली बढ़ाने का वादा करते हैं, दूसरी तरफ़ यूपी के मुखिया 55,000 पेड़ों की बलि दे रहे हैं। उन्होंने आगे लिखा कि सपा कार्यकाल में पर्यावरण और पारिस्थितिकी संरक्षण हेतु एक विशेष राशि आवंटित थी। यही है विकासात्मक दृष्टिकोण का भेद।