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अखिलेश यादव का बड़ा फैसला, सपा कार्यालय में मीडिया की ‘नो इंट्री’

सपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी के सीएम अखिलेश यादव ने कई बड़े फैसले लेने शुरू कर दिये हैं।
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Nitin Srivastva

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Updated: 2 Jan 2017, 1:10 PM IST

akhilesh yadav

akhilesh yadav

लखनऊ. समाजवादी पार्टी का सियासी घमासान चुनाव आयोग के पास पहुंच चुका है। मुलायम खेमा और अखिलेश खेमा समाजवादी पार्टी के चुनाव चिह्न साइकिल पर अपना-अपना दावा ठोंक रहे हैं। एक तरफ मुलायम सिंह यादव, शिवपाल यादव और अमर सिंह आज दिल्ली में चुनाव आयोग से मिलकर पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन को अवैध घोषित करने की मांग करेंगे और साथ ही अधिवेशन में लिए गए फैसले के खिलाफ शिकायत करेंगे। साथ ही अखिलेश भी आज चुनाव आयोग से मिलकर पार्टी के चुनाव चिन्ह पर दावा ठोक सकते हैं। वहीं इस बीच एक बड़ी खबर आ रही है कि सपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी के सीएम अखिलेश यादव ने मीडिया के पार्टी कार्यालय में एन्ट्री पर रोक लगा दी है। साथ ही अखिलेश ने सपा के नए प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम को ये निर्देश भी दिया है कि नई कार्यकारिणी का गठन हफ्ते भर कर लिया जाए। आपको बता दें कि सपा प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पार्टी कार्यालय में कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर रहे हैं।


बड़े बदलाव की आहट

सूत्रों के मुताबिक ऐसी खबरें आ रही हैं कि सपा संगठन में भी भारी बदलाव किया जा सकता है। इनमें बर्खास्त यूथ नेता दिग्विजय सिंह देव, ब्रजेश यादव की वापसी हो सकती है। वहीं मुलायम यूथ ब्रिगेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरव दुबे के भी बहाल होने की बात है। इसके साथ ही एमएलसी सुनील सिंह साजन, एमएलसी आनंद भदौरिया, एमएलसी संजय लाठर, एमएलसी उदयवीर सिंह, एमएलसी अरविंद यादव की पार्टी में वापसी होने वाली है। अखिलेश यादव ने इनकी वापसी पर अपनी सहमति दे दी है। सूत्रों के मुताबिक आज इन नेताओं की बहाली का आदेश जारी हो जाएगा। साथ ही मुलायम यूथ ब्रिगेड के नेता मोहम्मद एबाद, लोहिया वहिनी के प्रदीप तिवारी, छात्र सभा के दिग्विजय सिंह देव जैसे बर्खास्त यूथ नेताओं की बहाली पर भी अखिलेश यादव ने अपनी सहमति दे दी है। इनकी बहाली का आदेश भी आज जारी हो जाएगा। साथ ही आपको बता दें इसके बाद मौजूदा सभी फ़्रंटल संगठन के पदाधिकारियों को उनके पद से हटा दिया जाएगा।


मुलायम का अधिवेशन कैंसिल

वहीं इस बीच सीएम आवास पर अखिलेश यादव को बधाई देने वालों का सिलसिला लगातार जारी है। कई विधायक, एमएलसी उनसे मिलने पहुंच रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ जहां मुलायम सिंह यादव ने 5 जनवरी को होने वाले सपा के अधिवेशन को स्थगित कर दिया है। वहीं दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद अखिलेश यादव धड़ाधड़ कई बड़े फैसले ले रहे हैं। अखिलेश ने चाचा शिवपाल यादव को पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटाकर नरेश उत्तम को समाजवादी पार्टी का नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया था।