
Bird Flu: राज्य सरकार का बड़ा आदेश, एक भी मामला सामने आने पर पक्षियों को मारने का आदेश, चिड़ियाघर में चिकन पर रोक
लखनऊ. देश के चार राज्यों में बर्ड फ्लू (Bird Flu) की पुष्टि के बाद उत्तर प्रदेश में भी इस फ्लू को लेकर हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। हालांकि, प्रदेश में बर्ड फ्लू का मामला अभी तक सामने नहीं आया है। लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से सरकार ने बर्ड फ्लू को देखते हुए एडवाइजरी जारी की है, जिसके तहत राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के सभी जू में बर्ड फ्लू को लेकर सकर्कता बढ़ा दी गई है। उधर, प्रदेश सरकार ने सभी जिला प्रशासन को एक भी मामला सामने आने पर संक्रमित पक्षियों को मारने का आदेश दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने पशुपालन विभाग को बीमारी के प्रसार पर नियंत्रण के लिए कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
प्रवासी पक्षियों का नैचुरल वायरस है बर्ड फ्लू
राजधानी लखनऊ स्थित नवाब वाजिद अली शाह प्राणी उद्यान के निदेशक डॉ. आरके सिंह ने कहा कि देश के छह राज्यों में भले ही इसकी पुष्टि होने की सूचना मिल रही हो। लेकिन अब तक यूपी में बर्ड फ्लू को कोई मामला सामने नही आया है। हालांकि इसके बावजूद बर्ड फ्लू को लेकर लखनऊ चिडियाघर के सारे डाक्टर्स-कीपरों को अलर्ट कर हर एक पक्षी पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि बर्ड फ्लू भारत आने वाले प्रवासी पक्षियों की बीट से फैलता है, जो अक्टूबर-नवंबर में बाहर से आते हैं। बर्ड फ्लू प्रवासी पक्षियों का नेचुरल वायरस है। ये पानी के आस-पास रहने वाले बतख, किंगफिशर, बगुला जैसे पक्षियों के जरिये फैलता है। ये फ्लू न सिर्फ मुर्गा-मुर्गी जैसी कुक्कुट प्रजाति से जुडे पक्षियो में बेहद तेजी से फैलता है, बल्कि इससे उनकी मौत भी हो जाती है।
चिकन लाने पर रोक
निदेशक डॉ. आरके सिंह ने कहा कि चिड़ियाघर में मौजूद पशु-पक्षियों को बर्ड फ्लू से बचाने के लिये उनके खाने को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। यहां चिकन लाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। बर्ड फ्लू फैलने की संभवना वाले अंडे को जहां गर्म पानी से धोने के बाद लाए जाने के साथ 70 डिग्री सेंटीग्रेट पर उबाल कर ही के दिया जाता है।
कोविड-19 झेल रहे लोगों के लिए स्थिति और खतरनाक
पशुपालन विभाग के सचिव भुवनेश कुमार का इस मामल पर कहना है कि बर्ड फ्लू को लेकर अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि अगर प्रदेश में एक भी केस सामने आए तो इसे फैलने से रोका जा सके। निदेशालय ने सभी मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारियों को पत्र भेजकर अलर्ट रहने को कहा है।
भुवनेश कुमार ने बताया कि एक भी केस सामने पर नियंत्रण के उपाय लागू करने के निर्देश दिए गए हैं जिसमें पक्षियों को मारना शामिल है। उन्होंने कहा कि वायरस के इंसानों को फैलने से रोकना अनिवार्य है, अन्यथा कोविड-19 झेल रहे लोगों के लिए स्थिति और घातक हो सकती है। वहीं नॉनवेज में चिकन के सेवन पर उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सभी जरूरी कदम उठा रही है, इसलिए चिकन के सेवन से घबराने की जरूरत नहीं है।
जल निकायों पर कड़ी नजर
भुवनेश कुमार ने कहा, 'हम सभी जल निकायों पर कड़ी नजर बनाए रखेंगे जहां प्रवासी पक्षी आ रहे हैं। अभी तक फ्लू प्रवासी पक्षियों में पाया गया है न कि मुर्गियों में। हालांकि हम पोल्ट्री फार्म पर भी नजर रखने के लिए विशेष ध्यान दे रहे हैं। पक्षियों के सैंपल लेकर नियमित रूप से जांच के लिए भेजे जा रहे हैं।'
Updated on:
8 Jan 2021, 12:38 PM IST
Published on:
8 Jan 2021, 12:38 PM IST
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