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यूपी चुनाव से पहले भाजपा का संगठन विस्तार: टिकट कटने के दो साल बाद बृजभूषण की बीजेपी कार्यसमिति में एंट्री

Brij Bhushan Sharan Singh: गोंडा और कैसरगंज क्षेत्र की राजनीति में बृजभूषण शरण सिंह लंबे समय से सक्रिय हैं। बृजभूषण का राजनीतिक अनुभव और क्षेत्रीय उपस्थिति उन्हें पूर्वी उत्तर प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण बनाती है।
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लखनऊ

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Amit Vajpayee

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Updated: 30 Oct 2026, 11:35 AM IST

brij bhushan sharan singh

पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह (फोटो सोर्स- ANI)

UP BJP State Working Committee: उत्तर प्रदेश भाजपा की नई प्रदेश कार्यसमिति में पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह को शामिल किया गया है। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी 712 सदस्यीय कार्यसमिति में उन्हें आख़िरकार जगह मिल गई। बृजभूषण छह बार सांसद रह चुके हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा ने कैसरगंज सीट से उन्हें टिकट देने के बजाय उनके बेटे करण भूषण सिंह को उम्मीदवार बनाया था। करण ने चुनाव में जीत भी दर्ज की।

नई प्रदेश कार्यसमिति में 548 सदस्य, 134 विशेष आमंत्रित सदस्य और 30 स्थायी आमंत्रित सदस्य हैं। इससे पहले गठित प्रदेश कार्यसमिति में 184 सदस्य थे। नई कार्यसमिति की घोषणा आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच की गई है।

पूर्वांचल में प्रभाव की होगी परीक्षा

गोंडा और कैसरगंज क्षेत्र की राजनीति में बृजभूषण शरण सिंह लंबे समय से सक्रिय हैं। बृजभूषण का राजनीतिक अनुभव और क्षेत्रीय उपस्थिति उन्हें पूर्वी उत्तर प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण बनाती है। प्रदेश कार्यसमिति में उनकी मौजूदगी के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी उनके अनुभव को संगठनात्मक गतिविधियों में किस तरह शामिल करती है।

बेटे को मिला था टिकट

पिछले लोकसभा चुनाव में टिकट वितरण के समय बृजभूषण महिला पहलवानों के आरोपों से जूझ रहे थे। नतीजतन कैसरगंज लोकसभा सीट से छह बार सांसद चुने जाने के बावजूद भाजपा ने उनका टिकट काटकर उनके बेटे करण भूषण सिंह को उम्मीदवार बनाया। करण ने चुनाव जीतकर संसद में प्रवेश किया।

प्रदेश कार्यकारिणी में पहली बार

बृजभूषण शरण सिंह को पहली बार भाजपा की उत्तर प्रदेश प्रदेश कार्यकारिणी में शामिल किया गया है। हालांकि, उनकी नियुक्ति के साथ किसी अलग संगठनात्मक पद या विशेष जिम्मेदारी की घोषणा नहीं की है।

अदालत में अपील लंबित

महिला पहलवानों से जुड़े यौन उत्पीड़न मामले में दिल्ली की निचली अदालत ने इसी साल 3 अगस्त को बृजभूषण को बरी कर दिया। इस फैसले को चार महिला पहलवानों ने चुनौती दी है। मामले में अगली सुनवाई 20 नवंबर के लिए निर्धारित है।