
यूपी में विधानसभा का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो गया। हालांकि कुछ देर बाद सांसद अरविंद गिरी निधन पर श्रद्धांजलि देने के बाद विधानसभा सत्र को स्थगित कर दिया गया। इससे पहले समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव के नेतृत्व में पैदल मार्च निकालते हुए सरकार को जमकर घेरना चाहा, लेकिन लखनऊ पुलिस ने सपा के पैदल मार्च को बीच में ही रोक दिया। पुलिस के रोके जाने पर अखिलेश यादव कार्यकर्ताओं के साथ वहीं धरने पर बैठ गए और भाजपा सरकार के खिलाफ कड़ा जुबानी प्रहार किया। सपा के पैदल मार्च को रोके जाने पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने ट्वीट में सपा का समर्थन करते हुए कहा कि प्रतिपक्ष के खिलाफ द्वेषपूर्ण रवैया अपनाना भाजपा की अहंकारी सोच है।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने एक के बाद एक दो ट्वीट किए हैं। उन्होंने पहले ट्वीट में लिखा है कि यूपी विधानसभा मानसून सत्र से पहले भाजपा का दावा कि प्रतिपक्ष यहां बेरोजगार है। यह इनकी अहंकारी सोच और गैर-जिम्मेदाराना रवैये को उजागर करता है। सरकार की सोच जनहित और जनकल्याण के प्रति ईमानदारी एवं वफादारी साबित करने की होनी चाहिए, न कि प्रतिपक्ष के विरुद्ध द्वेषपूर्ण रवैये की होनी चाहिए।
सीएम योगी के बयान पर भी कसा तंज
वहीं, बसपा प्रमुख ने दूसरे ट्वीट में कहा कि यूपी सरकार अगर प्रदेश के समुचित विकास व जनहित के प्रति चिंतित और गंभीर होती तो उनका यह विपक्ष विरोधी बयान नहीं आता, बल्कि वे बताते कि जबरदस्त महंगाई, गरीबी, बेरोजगारी, गड्ढायुक्त सड़क, बदतर शिक्षा, स्वास्थ्य व कानून व्यवस्था में नजर आने वाला सुधार किया है और पलायन भी रोका गया है।
जानें क्या कहा था मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि सपा से नियमों के पालन की उम्मीद करना भी कपोल कल्पना है। आंदोलन के लिए नियमानुसार अनुमति मांगनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि सपा से यह उम्मीद करना कि वे नियम या शिष्टाचार को मानेंगे, इसे सिर्फ एक कपोल कल्पना ही कह सकते हैं।
Updated on:
19 Sep 2022, 12:18 PM IST
Published on:
19 Sep 2022, 12:13 PM IST
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