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अोबीसी को फायदा पहुंचाने के लिए योगी सरकार ने लिया सबसे बड़ा फैसला, जारी किया करोड़ों का बजट

अोबीसी को फायदा पहुंचाने के लिए योगी सरकार ने लिया सबसे बड़ा फैसला, जारी किया करोड़ों का बजट
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लखनऊ

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Ruchi Sharma

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Updated: 12 Nov 2018, 5:12 PM IST

yogi adityanath

अोबीसी को फायदा पहुंचाने के लिए योगी सरकार ने लिया सबसे बड़ा फैसला, जारी किया करोड़ों का बजट

लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार अोबीसी छात्रों को बड़ी खुशखबरी देने जा रही है। सरकार ने अोबीसी छात्रों के लिए बजट बढ़ाते हुए 333.68 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी की है। साल 2017-18 में दशमोत्तर कक्षाओं के लाभ पाने वाले पात्र विद्यार्थियों की संख्या में करीब 8 लाख की बढ़ोतरी हुई है। सरकार ने चालू वित्त वर्ष में प्रत्येक छात्र को वजीफा देने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने चालू वित्त वर्ष में प्रत्येक छात्र को वजीफा देने के निर्देश दिए हैं।

बता दें कि अखिलेश सरकार में 2016-17 में जहां कक्षा-9 व 10 के 5.20 लाख ओबीसी विद्यार्थियों को योजना का लाभ दिया गया था, वहीं पिछले वित्त वर्ष में इससे 2.39 लाख ज्यादा विद्यार्थियों को लाभ दिया गया।

इतना ही नहीं कक्षा 9 व 10 के विद्यार्थियों के लिए बजट में भी करीब 53 करोड़ रुपये की वृद्धि की गई है। दशमोत्तर कक्षाओं में भी वर्ष 2016-17 और 2017-18 के बीच छात्रवृत्ति के बजट में 23 फीसदी की वृद्धि की गई। इससे 38 फीसदी ज्यादा छात्रों को योजना का लाभ मिला।

मजिस्ट्रेट ही ले जाएंगे परीक्षा केंद्र तक प्रश्नपत्र

18 नवंबर को होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा टीईटी की शुचिता बनाए रखने के लिए कड़े फैसले किए गए हैं। जिला प्रशासन की ओर से नियुक्त स्टेट मजिस्ट्रेट की निगरानी में ही पेपर ट्रेजरी के डबल लॉक से परीक्षा केंद्र तक पहुंचाए जाएंगे। सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी अनिल भूषण चतुर्वेदी ने बताया कि टीईटी में बैठने के लिए न्यूनतम आयु की कोई बाध्यता नहीं है। बीएड या बीटीसी कर चुके या फिर इनके आखरी सेमेस्टर में बैठने वाले छात्र परीक्षा में शामिल होने के योग्य हैं।

एक क्लिक में मिलेगी जेलों में बंद कैदियों की जानकारी

उत्तर प्रदेश की जेलों में बंद कैदियों की पूरी जानकारी अब ऑनलाइन हो गई है। कैदियों की संख्या, जेल में प्रवेश से लेकर रिहाई और कैदियों का आपराधिक इतिहास सबकुछ पोर्टल पर दर्ज कर दिया गया है। कैदियों के बारे में किसी तरह की जानकारी या फिर मुलाकात के लिए www.eprisons.nic.in पर जाकर अप्लाई कर सकते हैं। खबरों के मुताबिक देश भर के जेलों में बंद कैदियों का ब्यौरा एक जगह मुहैया कराने के लिए ई-प्रिजन नाम से पोर्टल तैयार किया गया है। इस पोर्टल पर कैदियों के प्रवेश से लेकर रिहाई तक की सभी सूचनाएं दर्ज की गई हैं।

अब तेजी से निपटेंगी स्वच्छता से जुड़ी शिकायतें

स्वच्छता सर्वेक्षण में अन्य राज्यों की तुलना में यूपी के खराब प्रदर्शन को देखते हुए नगर विकास विभाग में इस बार खास तैयारी की है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत चल रहे कार्यक्रमों को तेजी से पूरा करने के साथ ही इससे जुड़ी शिकायतों के तुरंत निस्तारण के लिए खोले गए कॉल सेंटर को आधुनिक बनाया गया है।