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9 बिंदुओं में जानें सीएम योगी नीति आयोग की बैठक में क्या बोले

पीएम मोदी की अगुवाई में हुई नीति आयोग की बैठक में अलग-अलग प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों ने भाग लिया।
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लखनऊ

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Abhishek Gupta

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Updated: 15 Jun 2019, 10:48 PM IST

CM Yogi

CM Yogi

लखनऊ. पीएम मोदी की अगुवाई में हुई नीति आयोग की बैठक में अलग-अलग प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों ने भाग लिया। वहीं उपाध्यक्ष, नीति आयोग तथा अन्य विशिष्ट महानुभाव भी बैठक में प्रस्तुत हुए। शनिवार को दिल्ली में आयोजित नीति आयोग की शासी परिषद की पंचम बैठक में यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ भी पहुंचें जहां उन्होंने 10 बिंदुओं पर अपनी बात को परिभाषित किया।

1. सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की बड़ी आबादी के विकास और प्रगति की अपेक्षाएं हिमालय के शिखर की तरह ऊँची हैं। उत्तर प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प ‘सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास’ की अवधारणा के अनुरूप जन आकांक्षाओं को पूरा करते हुए प्रदेश को समृद्ध एवं सर्वोत्तम प्रदेश बनाने के लिए कृत संकल्पित है। हमें हर क्षेत्र में केन्द्र सरकार का पूर्ण सहयोग प्राप्त हो रहा है।

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2. जनवरी-मार्च के बीच प्रयागराज में हुए कुंभ को लेकर उन्होंने कहा कि हाल ही में हमने अध्यात्म, आस्था और सांस्कृतिक समागम के महापर्व कुम्भ 2019 को प्रयागराज में सफलतापूर्वक आयोजित किया, जिसमें देश-दुनिया के 24 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने भाग लिया। प्रधानमंत्री की पहल पर यूनेस्को द्वारा कुम्भ को ‘‘विश्व की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर’’ के रूप में मान्यता प्रदान की गई तथा सैकड़ों वर्षों के बाद पहली बार अक्षयवट व सरस्वती कूप को जनता के दर्शनों के लिए खोला गया।

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3. सीएम ने कहा कि 21-23 जनवरी के मध्य वाराणसी में ‘नये भारत के निर्माण में प्रवासी भारतीयों की भूमिका’ विषय पर प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में लगभग 7000 आप्रवासी भारतीयों एवं भारतवंशी नागरिकों ने प्रतिभाग किया। सम्मेलन से एक ओर जहाँ प्रदेश के विकास में प्रवासियों के अनुभव का लाभ मिला, वहीं दूसरी ओर निवेश प्रस्ताव व सामाजिक सरोकार वाली परियोजनाओं को मूर्त रूप देने के लिए एक सक्रिय माध्यम उपलब्ध हुआ।

4. वह बोले कि हमने लोकतंत्र के महापर्व लोक सभा चुनाव-2019 को सफलतापूर्वक सम्पन्न कराया। यह अत्यन्त हर्ष का विषय है कि प्रदेश में कुल 1 लाख 63 हजार से अधिक पोलिंग बूथ में शान्तिपूर्ण ढंग से यह कार्य सम्पन्न हुआ।

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5. मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार सभी वर्गों के लिए विशेष रूप से किसानों, नव-जवानों, महिलाओं, गरीबों, वंचितों, शोषितों एवं समाज के उपेक्षित वर्ग के लोगों के लिए कार्य कर रही है। सरकार के इस कदम से इन वर्गों में आत्मसम्मान व स्वाभिमान की भावना जागृत हुई है और उनका विश्वास प्रगाढ़ हुआ है कि विकास की दौड़ में वे बराबरी का दर्जा प्राप्त कर सकेंगे। हमारी सरकार ने प्रदेश की जनता के सर्वांगीण विकास के लिए अभूतपूर्व कदम उठाए हैं।

6. सीएम योगी ने आगे कहा कि कृषि निवेश पर देय अनुदान को डी.बी.टी. के माध्यम से भुगतान करने वाला उत्तर प्रदेश, देश में पहला राज्य बना है। गत दो वर्षों में कुल 50 लाख से अधिक किसानों को कृषि अनुदान के रुपये 1222 करोड़ की धनराशि डी.बी.टी. के माध्यम से सीधे उनके खाते में भुगतान की गई।

7. कृषकों को कृषि की नवीनतम तकनीक से प्रशिक्षित कराने हेतु किसान पाठशाला (द मिलियन फार्मर्स स्कूल) का आयोजन साल 2017 से किया जा रहा है। अब तक लगभग 30 लाख से अधिक कृषकों को लाभान्वित किया गया। इस वर्ष 10 लाख से अधिक कृषकों को लाभान्वित किया जाएगा।

8. उत्तर प्रदेश में अक्टूबर, 2018 में पहली बार अंतर्राष्ट्रीय स्तर का ‘कृषि कुम्भ-2018’ का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न राज्यों से 01 लाख से अधिक कृषकों
द्वारा सहभागिता की गई। इजराइल द्वारा प्रदेश में सेन्टर ऑफ एक्सीलेन्स की स्थापना तथा जापान द्वारा कृषि क्षेत्र में उद्योगों की स्थापना में सहयोग के सम्बन्ध में समझौता ज्ञापन भी हस्ताक्षरित किया गया।

9. किसानों के लिए बाजार को व्यापक एवं बहु-उपयोगी बनाने के दृष्टिकोण से मण्डी अधिनियम में संशोधन किया गया। ऐसा करने वाला उत्तर प्रदेश, देश का प्रथम अग्रणी राज्य बना है। संशोधित अधिनियम में किसानों के खेत से थोक में सीधे खरीद की व्यवस्था की गई है।