
जयंती कार्यक्रम के दौरान पंडित गोविंद बल्लभ पंत के योगदान को याद करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )
Govind Ballabh Pant Jayanti: 'भारत रत्न' और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पंडित गोविंद बल्लभ पंत की जयंती पर राजधानी लखनऊ में आयोजित पुष्पांजलि कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्यमंत्री ने पंडित पंत के व्यक्तित्व और कृतित्व को याद करते हुए कहा कि उनका पूरा जीवन राष्ट्र सेवा, स्वतंत्रता आंदोलन, सुशासन और सामाजिक-आर्थिक उन्नयन के लिए समर्पित रहा। उन्होंने उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री के रूप में पंडित गोविंद बल्लभ पंत के योगदान को स्मरण करते हुए प्रदेश सरकार और जनता की ओर से उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पंडित गोविंद बल्लभ पंत महान अधिवक्ता होने के साथ-साथ महान स्वतंत्रता सेनानी भी थे। उन्होंने देश की आजादी के लिए चलाए गए विभिन्न आंदोलनों में सक्रिय भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से काकोरी ट्रेन एक्शन के बाद क्रांतिकारियों की पैरोकारी में पंडित पंत की भूमिका का उल्लेख किया।
योगी ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में जब देश अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष कर रहा था, तब पंडित गोविंद बल्लभ पंत ने भी राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लिया। भारत छोड़ो आंदोलन सहित आजादी के संघर्ष के विभिन्न चरणों में उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा। उनका जीवन इस बात का उदाहरण है कि देश की स्वतंत्रता के लिए राजनीतिक नेतृत्व, सामाजिक चेतना और कानूनी समझ किस तरह एक साथ काम कर सकती है।
देश की आजादी के बाद पंडित गोविंद बल्लभ पंत को उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी मिली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उस समय उत्तराखंड भी उत्तर प्रदेश का हिस्सा था और प्रदेश का क्षेत्रफल तथा प्रशासनिक दायरा काफी बड़ा था। ऐसी परिस्थितियों में पंडित पंत ने शासन व्यवस्था को मजबूत बनाने और प्रदेश के आर्थिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इतने बड़े राज्य की प्रशासनिक जिम्मेदारी संभालते हुए पंडित पंत ने सुशासन का एक ऐसा मॉडल प्रस्तुत करने का प्रयास किया, जिसमें आम लोगों की समस्याओं का समाधान और प्रदेश का आर्थिक उन्नयन दोनों प्राथमिकता में रहे। उनके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के विकास और प्रशासनिक व्यवस्था को नई दिशा मिली।
योगी आदित्यनाथ ने पंडित पंत के कार्यकाल को याद करते हुए उनके भूमि सुधार संबंधी प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पंडित गोविंद बल्लभ पंत ने लैंड रिफॉर्म यानी भूमि सुधार का मॉडल प्रस्तुत किया। यह उस दौर में बेहद महत्वपूर्ण कदम था, जब ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि व्यवस्था में बड़े बदलाव की जरूरत महसूस की जा रही थी।
भूमि सुधारों का उद्देश्य ग्रामीण समाज में लंबे समय से चली आ रही असमानताओं को दूर करना और किसानों को अधिक अधिकार तथा सुरक्षा उपलब्ध कराना था। पंडित पंत के प्रशासनिक दृष्टिकोण में ग्रामीण विकास को विशेष महत्व मिला। मुख्यमंत्री ने उनके इन प्रयासों को प्रदेश के सामाजिक और आर्थिक बदलाव से जोड़ते हुए उनकी दूरदर्शिता को याद किया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 1954 में पंडित गोविंद बल्लभ पंत देश के गृहमंत्री बने। यह उनके सार्वजनिक जीवन की एक और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी थी। उस समय देश आजादी के बाद के दौर में अनेक चुनौतियों से गुजर रहा था। भाषाई विवाद, सामाजिक तनाव और विभिन्न स्तरों पर विभाजन की कोशिशें सरकार के सामने चुनौती बनी हुई थीं।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पंडित पंत ने इन जटिल परिस्थितियों में सूझबूझ और दूरदर्शिता के साथ रास्ता निकालने का प्रयास किया। गृह मंत्री के रूप में उनका कार्यकाल देश की आंतरिक एकता और सामाजिक समरसता के लिहाज से महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने प्रशासनिक अनुभव और राजनीतिक समझ के आधार पर कठिन परिस्थितियों से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पंडित गोविंद बल्लभ पंत के हिंदी भाषा के प्रति योगदान को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि हिंदी को राजभाषा के रूप में प्रतिष्ठित करने में पंडित पंत ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक जुड़ाव का भी महत्वपूर्ण आधार है।
आजादी के बाद देश में भाषा को लेकर विभिन्न मत और विचार सामने आ रहे थे। ऐसे समय में हिंदी को राजभाषा के रूप में स्थापित करने की प्रक्रिया में पंडित पंत की भूमिका महत्वपूर्ण रही। मुख्यमंत्री ने उनके इस योगदान को भी उनकी राष्ट्र सेवा का अहम हिस्सा बताया।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पंडित गोविंद बल्लभ पंत का जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भागीदारी से लेकर आजाद भारत में प्रशासनिक और राजनीतिक जिम्मेदारियों तक अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया। एक अधिवक्ता, स्वतंत्रता सेनानी, मुख्यमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री के रूप में उन्होंने सार्वजनिक जीवन में अपनी अलग पहचान बनाई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित पंत की स्मृतियां आज भी देश और प्रदेश के सार्वजनिक जीवन में प्रेरणा देती हैं। उनके विचारों और कार्यों को याद करना केवल श्रद्धांजलि देना नहीं, बल्कि उनके बताए आदर्शों से सीख लेने का अवसर भी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए समाज और देश के विकास के लिए कार्य करना ही पंडित पंत के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।ष्पांजलि कार्यक्रम में गूंजा पंत जी का स्मरण
राजधानी लखनऊ में आयोजित पुष्पांजलि कार्यक्रम में पंडित गोविंद बल्लभ पंत की स्मृतियों को नमन किया गया। मुख्यमंत्री ने उनकी जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार और प्रदेश की जनता उनके योगदान को सदैव याद रखेगी।
Updated on:
10 Sept 2026 01:24 pm
Published on:
10 Sept 2026 12:46 pm
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