
CM Yogi Kanwar Yatra meeting
CM Yogi Kanwar Yatra Meeting: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगामी 22 जुलाई से शुरू होने वाले पवित्र श्रावण मास और कांवड़ यात्रा की तैयारियों को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। सीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कांवड़ यात्रा मार्ग पर कहीं भी खुले में मांस की खरीद-बिक्री नहीं होनी चाहिए।
सीएम योगी ने बताया कि श्रावण मास में श्रावणी शिवरात्रि, नागपंचमी, और रक्षाबंधन जैसे महत्वपूर्ण पर्व मनाए जाएंगे। इसके अलावा, 7-9 जुलाई को जगन्नाथ रथ यात्रा, 7-8 जुलाई से 17-18 जुलाई तक मोहर्रम, और 21 जुलाई को गुरु पूर्णिमा का पावन अवसर है। इस दौरान बरसात का मौसम भी शुरू हो जाएगा, जिससे संचारी रोग नियंत्रण अभियान और स्कूल चलो अभियान का आयोजन भी होगा।
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की सीमा से लगे जनपदों और गाजियाबाद, मेरठ, अयोध्या, बरेली, प्रयागराज, वाराणसी, बाराबंकी, बस्ती जैसे महत्वपूर्ण जिलों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन सीमावर्ती राज्यों के साथ सतत संवाद-संपर्क और समन्वय बनाए रखें।
आवाज मानकों का पालन: कांवड़ यात्रा में डीजे और गीत-संगीत की आवाज निर्धारित मानकों के अनुरूप होनी चाहिए। डीजे की ऊंचाई एक तय सीमा से अधिक नहीं होनी चाहिए।
स्वच्छता और सुरक्षा: यात्रा मार्ग पर स्वच्छता-सैनिटाइजेशन, स्ट्रीट लाइट, जर्जर बिजली के खंभे और झूलते-लटकते बिजली के तारों की व्यवस्था समय से कर ली जाए।
भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा: भीड़ प्रबंधन, रूट डायवर्जन, पुलिस बल की तैनाती, सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था समय से कर ली जाए।
श्रावण मास के दौरान प्रत्येक सोमवार को शिवालयों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन होता है। मुख्यमंत्री ने पंचायती राज और नगर विकास विभाग को निर्देश दिए कि शिवालयों के आस-पास की नालियां चोक न हों और उनकी साफ-सफाई समय से कराई जाए।
आम जन को सुविधाएं: पर्व-त्योहारों में प्रशासन द्वारा आम जन को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। धार्मिक परंपरा और आस्था को सम्मान दें, लेकिन परंपरा के विरुद्ध कोई कार्य न हो।
अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन न हो: धार्मिक यात्राओं और जुलूसों में किसी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन नहीं होना चाहिए। ऐसी कोई घटना न हो जिससे दूसरे धर्म के लोगों की भावनाएं आहत हों।
शांति और सौहार्द: हर एक पर्व शांति और सौहार्द के बीच संपन्न हो, इसके लिए सभी जरूरी प्रयास किए जाएं। कांवड़ शिविर लगाने वाले स्थान पहले से चिन्हित हों, ताकि आवागमन बाधित न हो।
शरारती तत्व दूसरे समुदाय के लोगों को अनावश्यक उत्तेजित करने की कोशिश कर सकते हैं। ऐसे मामलों पर नजर रखने और सुरक्षा में कोई सेंध न लगने देने के लिए हर समय अलर्ट रहने की आवश्यकता है। कांवड़ शिविर लगाने वालों का सत्यापन करें और अराजक तत्वों के साथ पूरी कठोरता से निपटें। ड्रोन से भी निगरानी करें।
इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी विभाग आपसी समन्वय से काम करें और सुनिश्चित करें कि आगामी पर्व और कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न हों।
बैठक में मुख्य सचिव (गृह) ACS होम, डीजीपी प्रशांत कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव (ACS टू CM) एसपी गोयल, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव (PS टू CM/PS सूचना) संजय प्रसाद, निदेशक सूचना शिशिर समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित हैं।
Updated on:
30 Jun 2024 10:02 pm
Published on:
30 Jun 2024 10:02 pm
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