3 नवंबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Patrika Positive News : कोरोना काल में जरूरतमंदों के लिए बने मसीहा, बिना भेदभाव कर रहे लोगों की मदद

Patrika Positive News- कोरोना महामारी के इस दौर में सफलता की ऐसी अनगिनत कहानियां हैं जहां लोग अपने प्रयास व संसाधनों से लोगों की सहायता कर रहे हैं
4 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

लखनऊ

•

image

Hariom Dwivedi

•

Updated: 19 May 2021, 5:39 PM IST

patrika_positive_news.jpg

राजधानी के केजीएमयू में सैकडों इंटर्न छात्र स्वेच्छा से कोविड मरीजों की मदद में जुटे हैं तो लखनऊ यूनिवर्सिटी के टीचर्स व स्टूडेंट्स ने मिलकर कोविड हेल्प डेस्क बनाई है जो 24 घंटे हेल्प को तैयार रहते हैं

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ. patrika positive news . कोरोना महामारी (Corona Pandemic) के इस दौर में आमजन के प्रयास भी सराहनीय हैं। प्रदेश के हजारों लोग बिना किसी भेदभाव के एक-दूसरे का दुख बांट रहे हैं। सोशल मीडिया के जरिए तो कोई जरूरतमंदों से मिलकर मदद कर रहा है। राजधानी के केजीएमयू में सैकडों इंटर्न छात्र स्वेच्छा से कोविड मरीजों की मदद में जुटे हैं तो लखनऊ यूनिवर्सिटी के टीचर्स व स्टूडेंट्स ने मिलकर कोविड हेल्प डेस्क बनाई है जो 24 घंटे हेल्प को तैयार रहते हैं। वहीं, लखनऊ शहर के जामा मस्जिद में मुस्लिम भाइयों ने आपसी चंदे से लोगों के जरूरत का सामान जमा किया है, जिसे वह जरूरतमंदों को बिना किसी भेदभाव के उपलब्ध करा रहे हैं।

कोरोना के कुरुक्षेत्र में अभिमन्यु
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर युवा चिकित्सकों ने कोविड प्रबंधन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभानी शुरू कर दी है। लखनऊ के किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) के 253 इंटर्न छात्रों ने स्वेच्छा से कोविड मरीजों की सेवा में खुद को लगा लिया है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हिमांशु ने बताया कि ज्यादातर छात्रों को कोविड वार्ड में लगाया गया है। ये वरिष्ठ चिकित्सकों की देखरेख में कोविड मरीजों की मदद कर रहे हैं। केजीएमयू में 1000 बेड के कोविड अस्पताल के अलावा 300 बेड का आईसीयू अलग से है। इसके अलावा प्रसूति से जुड़ी सेवायें, आपात चिकित्सा और मेडिसिन विभाग भी पूर्व की भांति काम कर रहा है। डीन डॉ. उमा सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सुनकर इंटर्न छात्र स्वेच्छा से मरीजों की सेवा में जुटे हैं। कोविड वार्ड में तैनात डॉ. आशीष ने कहा कि उन्हें यहां पर काफी कुछ सीखने को मिल रहा है। डॉ. प्रखर ने कहा कि वरिष्ठ चिकित्सकों की देखरेख में उन्हें मानवता की सेवा करने का अवसर प्राप्त हुआ है। इसे लेकर छात्रों ने भी खुशी जाहिर की है।

यह भी पढ़ें : कोरोना के कारण अपने हुए बेगाने, तो पुलिस मदद को आई आगे, शवों का कर रही अंतिम संस्कार

मोहब्बत के शहर में जिंदा है इंसानियत
नवाबों के शहर लखनऊ (Lucknow) की तहजीब शुरू से ही गंगा–जमुनी रही है। सैकड़ों साल से यहां हिंदू और मुसलमान दोनों एक साथ मिलजुल कर रहते हैं। कहते हैं कि रिवायतें कभी मरती नहीं। लखनऊ की रिवायत मोहब्बत रही, जो कोरोना महामारी के दौर में एक बार फिर उभरकर सामने आ रही है। शहर के लालबाग इलाके में स्थित जामा मस्जिद में मुसलमान भाइयों ने आपस में चंदा करके आक्सीजन के सिलेंडर, मास्क और सैनिटाइजर जैसी चीजें इकट्ठा की हैं। खुदा के इस घर में जहां इबादत का सिलसिला जारी रहता है वहां जरूरतमंद लोगों को आक्सीजन जैसी चीजें मुफ्त में मुहैया करायी जा रही है। चाहे वह हिंदू या फिर मुसलमान या किसी और संप्रदाय से, यहां सभी जरूरतमंदों की मुफ्त मदद की जा रही है। मस्जिद की इंतजामिया कमेंटी के सदर जनाब जुननू नौमानी ने बताया कि ईश्वर की कृपा से ही वो यह सब काम कर पा रहे हैं। मस्जिद इंतजामिया कमेटी के ही जनाब अकील सिद्दकी ने कहते हैं कि ईस्लाम कहता है कि लोगों कि खिदमत ही अल्लाह की असली इबादत होती है।

यह भी पढ़ें : रेमडिसिविर को लेकर क्यों मची है अफरातफरी? इस दवा के बारे में जानें वह सब जो जानना चाहते हैं आप

वाट्सएप पर कोविड हेल्प डेस्क
लखनऊ विश्वविद्यालय (Lucknow University) के प्रोफेसर मनोज कुमार अग्रवाल और प्रोफेसर डॉ. पूजा शर्मा के मार्गदर्शन में स्टूडेंट्स ने वाट्सएप पर कोविड हेल्प डेस्क ग्रुप बनाया है। इसके जरिये उनकी टीम जरूरतमन्दों तक जीवन रक्षक दवाइयां, प्लाज्मा और ऑक्सीजन आदि मुहैया करा रही है। जानकारी मिलने पर यह लोग जरूरतमंदों की न केवल मदद कर रहे हैं, बल्कि हॉस्पिटल में एडमिट कराने की व्यवस्था करा रहे हैं। इस वाट्सएप ग्रुप से जहां लखनऊ के जरूरतमन्दों को लिंक के माध्यम से जोड़ा गया वहीं, चिकित्सा क्षेत्र से लोग भी जुड़े हुए हैं। हेल्प डेस्क को लेकर स्कंद राय ने कहा कि कोविड से जूझ रहे लोगों को मदद पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। अब तक टीम द्वारा 100 से अधिक लोगों की सहायता की जा चुकी है। तकरीबन 20 प्लाज्मा डोनेशन, 30 से अधिक ऑक्सीजन सिलेंडर विथ रेगुलेटर और फूड डिलीवरी हो चुकी है। और उन्होंने यह भी बताया कि कोविड हेल्प डेस्क के जरिये जरूरतमन्दों को मदद पहुंचाने के लिए हर सम्भव प्रयास किये जा रहे हैं। जरूरतमंद इन मोबाइल नंबर्स पर 7007705224, 7905817684, 9598968298, 6388791650 पर बात कर सकते हैं।

यह भी पढ़ें : अब अधेड़ और बूढ़े हो चुके लोगों को भी चाहिए जीवन साथी...

मददगार साबित हो रहीं ग्राम निगरानी समितियां
बुंदेलखंड के ललितपुर (Lalitpur) जनपद में गठित ग्राम निगरानी समितियां कोरोना महामारी से लड़ने में बड़ी मददगार साबित हो रही हैं। जनपद के सभी 415 ग्राम पंचायतों में गठित निगरानी समितियां एक्टिव हैं। वह गांव के स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, सार्वजनिक स्थलों सहित नालियों की साफ-सफाई के साथ-साथ सैनिटाइजेशन आदि कार्यों में जुट गई हैं। जनपद के राजघाट रोड स्थित सिलगन में फैली गंदगी को मशीनों के माध्यम से हटवाने का काम करवाया जा रहा है। वहीं, सदस्यों द्वारा डोर टू डोर जा कर ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जानकारी लेकर लक्षण वाले लोगों को जिला अस्पताल भिजवाया जा रहा है। गांव के 45 प्लस के लोगों को वैक्सीनेशन के लिए प्रेरित कर रही हैं वहीं, गांव में रोजगार, राशन सहित सरकार की सहायता की जानकारी भी लोगों को उपलब्ध करा रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर ग्राम स्तर पर निगरानी समितियां गठित की गई हैं।

यह भी पढ़ें : जानना जरूरी है... कोरोना मरीजों के लिए आरटीपीसीआर, सीटी स्कैन और एचआर सीटी जांच कितना सही?