
यूपी में बिजली गुल, शहर-शहर में अंधेरा, मंत्री और विधायक भी परेशान
लखनऊ. सोमवार को बिजली कर्मचारियों के हड़ताल के कारण समूचे यूपी में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। यूपी में बिजली विभाग के निजीकरण के प्रस्ताव का विरोध कर रहे अधिकारियों ने हड़ताल पर जाने का फैसला लिया, जिसके बाद कई शहर पूरी तरह से अंधेरे में डूब गए। पूर्वी उत्तर प्रदेश में दिन से लेकर रात तक बत्ती गुल रही। यही हाल पश्चिमी यूपी का भी रहा। यहां तक कि मंत्रियों और विधायकों को भी बिजली कर्मचारियों के विरोध का शिकार होना पड़ा। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या, ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा सहित तीन दर्जन से अधिक मंत्रियों और करीब 150 विधायक, विधान परिषद सदस्यों के सरकारी आवास सहित राजधानी की बत्ती गुल रही।
वीआईपी इलाकों में बिजली ठप्प
राजधानी लखनऊ के वीआईपी इलाकों में सोमवार सुबह 11 बजे बिजली सप्लाई बंद रही। मॉल एवेन्यू, पीडब्लयूडी कॉलोनी, महिला विधायक आवास सहित कई वीआईपी इलाकों में बिजली गुल रही। वहीं, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या, ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा, स्वामी प्रसाद मौर्या, मुकुट बिहारी वर्मा सहित कई मंत्रियों के सरकारी आवास की बिजली गुल रही। साथ ही मुख्यमंत्री कंट्रोल रूम, समाजवादी पार्टी कार्यालय, कांग्रेस मुख्यालय, वीआईपी गेस्ट हाउस में बिजली सप्लाई न होने से काफी दिक्कत हुई।
यहां भी बत्ती गुल
- बाराबांकी में विद्युतकर्मियों की हड़ताल से पूरा शहर अंधेरे में डूब गया। शहर के धनोखर फीडर को जनता ने घेर लिया, इस दौरान विद्युतकर्मी गायब रहे। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति संभालने की कोशिश की। यहां के तहसील फतेहपुर, बदोसराय, हैदरगढ़, बंकी समेत पूरे जिले में अंधेरा रहा।
- वाराणसी के कुछ क्षेत्रों में भी ऐसा ही हाल रहा। काशी में एख दिन पहले ही कंट्रोल रूम की व्यवस्था कर दी गई थी ताकी लोगों को परेशानी न हो।
- प्रयागराज में निजीकरण के विरोध में बिजलीकर्मी हड़ताल पर रहे लेकिन जगह-जगह फॉल्ट होने की वजह से बिजलीकर्मी उन्हें बनाने नहीं जा पाए। इस वजह से इलाकों के लोग बिजली-पानी की समस्या से जूझते रहे। प्रयागराज के कुछ इलाकों में आम लोगों ने भी सड़क पर उतरकर इस मसले पर प्रदर्शन किया।
- आजमगढ़ में भी लोग बिजली कटौती से परेशान रहे। हां पर बिजली विभाग के कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन बहिष्कार पर जहां जनता ने आजमगढ़ के विद्युत विभाग के कैंपस पास धरने पर बैठे कर्मचारियों को खदेड़ दिया। वहीं आम जनता ने नेशनल हाईवे पर सैकड़ों की भीड़ जुटाकर रोड भी जाम कर दिया।
- कानपुर के भी कई इलाकों में बत्ती गुल रही। बिजली कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर निजीकरण का विरोध किया। यहां तक कि उपकेंद्रों पर फोन लगाने पर अभियंताओं ने फोन तक नहीं उठाए।
- चंदौली के दीनदयाल नगर स्थित चंदौसी विद्युत उप केंद्र पर तो हड़ताली कर्मचारियों ने सुबह से ही आपूर्ति बाधित कर ताला जड़ दिया था। यही नहीं हड़ताली कर्मचारियों ने ऑफिस की दीवारों पर लिखे गए कर्मचारियों अधिकारियों के नाम और मोबाइल नंबर तक मिटा दिए ताकि कोई उपभोक्ता या अधिकारी उनसे संपर्क ना कर सके।
Published on:
06 Oct 2020 02:03 pm
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