उत्तर प्रदेश में आज से खत्म हो गया एक विभाग, सारे अधिकारियों और कर्मचारियों के बदले पद

उत्तर प्रदेश के इतिहास में आज से मनोरंजन कर विभाग का अस्तित्व खत्म हो जाएगा...

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के इतिहास में आज से मनोरंजन कर विभाग का अस्तित्व खत्म हो जाएगा। योगी आदित्यनाथ की सरकार ने मनोरंजन कर विभाग को खत्म कर दिया। इस विभाग का विलय अब वाणिज्य कर विभाग में कर दिया गया है। संस्थागत वित्त कर एवं निबंधन विभाग ने इस संबंध में बुधवार को अधिसूचना जारी कर दी। इस फैसले के बाद मनोरंजन कर विभाग के सभी अधिकारी और कर्मचारी अब वाणिज्य कर विभाग के अधीन काम करेंगे। आपको बता दें कि विलय के बाद मनोरंजन कर विभाग के अधिकारियों के पदनाम तो बदल जाएंगे लेकिन उनके वेतन बैंड और ग्रेड वेतन में कोई बदलाव नहीं होगा।

 

जीएसटी लागू होने के बाद हुआ विलय

दरसल जुलाई 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद सभी तरह के कर वसूलने का अधिकार वाणिज्य कर विभाग को दे दिया गया है। जिसके बाद मनोरंजन कर की वसूली का काम वाणिज्य कर विभाग के पास आ गया है। मनोरंजन कर विभाग का वाणिज्य कर में विलय करने का फैसला तो पहले ही हो गया था लेकिन कई महीनों तक कार्रवाई नहीं होने से भ्रम बना था। मनोरंजन कर विभाग के विलय के प्रस्ताव को भी बीती 6 फरवरी को कैबिनेट की मंजूरी दी थी, लेकिन इसकी अधिसूचना जारी की गई है। इससे मनोरंजन कर विभाग के सभी काडरों के साथ ही एक आईएएस और पीसीएस क्लास का एक-एक पद भी वाणिज्य कर विभाग में समायोजित कर दिया गया है।

 

इनके बदल गए पद

मनोरंजन कर विभाग के वाणिज्य कर विभाग में विलय के बाद आमोद और पणकर के पदनाम बदलकर वाणिज्य कर हो जाएंगे। आयुक्त से लेकर नीचे तक के अधिकारियों के नाम के आगे वाणिज्य कर जुड़ जाएगा। समूह ग और समूह घ श्रेणी के कर्मचारियों के पदनाम में कोई बदलाव नहीं होगा। निरीक्षकों के पदनाम के संबंध में फैसला बाद में किया जाएगा। आपको बता दें कि 1937 में अंग्रेजों के जमाने के दौरान मनोरंजन कर विभाग बनाया गया था। अभी तक मनोरंजन कर विभाग सभी तरह के मनोरंजन टैक्स वसूल कर सरकार को देता था।

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नितिन श्रीवास्तव
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