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बिकरू कांडः खुशी दुबे बोलीं- बनना तो डॉक्टर चाहती थी, लेकिन किस्मत ने बना दिया अपराधी

जेल से निकलकर आई गैंगस्टर अमर दुबे की पत्नी खुशी दुबे ने अपना दर्द बयां की। उन्होंने बताया, “बहुत कुछ करना चाहती थी, लेकिन जीवन में हुए हादसे ने दुनिया बदल दी।”
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लखनऊ

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Ritesh Singh

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Updated: 26 Jan 2023, 10:13 PM IST

वकील या डॉक्टर बनने की चाहत

वकील या डॉक्टर बनने की चाहत

बिकरू नरसंहार की आरोपी और मारे गए गैंगस्टर अमर दुबे की पत्नी खुशी दुबे हाल ही में 30 महीने बाद जेल से रिहा हुईं। जेल से बाहर आने के बाद उसने अपनी पढ़ाई जारी रखने की इच्छा जाहिर की है। खुशी नीट क्वालीफाई कर एमबीबीएस करना चाहती हैं। बताया कि वह इसके लिए पढ़ाई करेंगी या फिर कानून की पढ़ाई करेगी। डॉक्टर या वकील बनना उनका बचपन का सपना था।

सब भूलकर, आगे बढ़ना चाहती हूं : खुशी

खुशी दुबे ने फोन पर बात करते हुए कहा कि वह अतीत को पीछे छोड़कर एक नया भविष्य बनाना चाहती हैं। वह जानती हैं कि उन्हें लंबी कानूनी लड़ाई लड़नी है, लेकिन वह इसके लिए तैयार हैं। हालांकि, वह अतीत या बिकरू कांड के बारे में बात नहीं करना चाहती।

पुलिस हिरासत में जो झेला वो कह पाना मुश्किल : खुशी

उन्होंने कहा, मेरी शादी को सिर्फ तीन दिन हुए थे और मुझे नहीं पता था कि क्या हुआ। अचानक मुझे पुलिस उठा ले गई और चार दिनों तक पुलिस हिरासत में जो मैंने झेला, वह कुछ ऐसा है जिसके बारे में मैं सोचना भी नहीं चाहती।

किसने लगवाए है सीसीटीवी कैमरे नहीं पता

बिकरू कांड में 3 जुलाई, 2020 को आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी गई थी। इस कांड के मास्टरमाइंड विकास दुबे और उसका भतीजा अमर दुबे था। खुशी ने आगे कहा कि उसके घर के चारों ओर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए है, जो पड़ोसियों को असहज कर रहे है। उन्होंने कहा, मुझे नहीं पता कि ये कैमरे किसने लगवाए है। अगर पुलिस को मेरी सुरक्षा की इतनी ही चिंता है, तो उन्हें मुझे सुरक्षा मुहैया करानी चाहिए।