
Gayatri Prasad became owner of 1000 crore 2 years of Becoming Minister
लखनऊ. गैंगरेप केस (Gangrape) में लखनऊ की एमपी एमएलए कोर्ट ने पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति (Gayatri Prajapati) को उम्रकैद की सजा सुनाई है। गायत्री प्रजापति पर चित्रकूट की एक महिला से गैंगरेप और उसकी बेटी से छेड़छाड़ का आरोप है। गायत्री के साथ ही उसके साथी आशीष शुक्ला और अशोक तिवारी को भी इसी आरोप में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। गायत्री प्रजापति के बारे में कहा जाता है कि वह कभी गरीबी रेखा के नीचे आता था। लेकिन मंत्री बनने के दो साल के भीतर ही वह एक हजार करोड़ का मालिक बन गया। लोकायुक्त जांच में इस बात का खुलासा हुआ है कि गायत्री प्रजापति के इतने कम समय में इतनी प्रॉपर्टी बनाने के पीछे गोरखधंधे का हाथ है।
कॉरपोरेट मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार, 2017 तक तत्कालीन खनन मंत्री गायत्री प्रजापति के परिजनों और उनके करीबियों की ऑनरशिप वाली 13 कंपनियां थीं। हर कंपनी में गायत्री के दोनों बेटे, भाई और भतीजा सभी कंपनियों में डायरेक्टर थे। इसके अलावा सात और कंपनियों में गायत्री प्रजापति के ड्राइवर और करीबी लोगों के नाम हैं। लेकिन गायत्री प्रजापति की कंपनी में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी उसके बेटे अनुराग प्रजापति की थी। अनुराग प्रजापति पर भी अमेठी से एक लड़की से रेप का आरोप है।
100 करोड़ का टर्नओवर
2016 में पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर की पत्नी व सोशल एक्टिविस्ट नूतन ठाकुर ने शिकायत की थी कि गायत्री प्रजापति की संपत्ति 942.5 करोड़ रुपये है। गायत्री और उनके रिश्तेदारों के नाम वाली 13 कंपनियों का सालाना टर्नओवर 10 करोड़ से 100 करोड़ रुपए का था। इसमें गोल्ड क्रस्ट माइनिंग लिमिटेड और एमजी कालोनाइजर्स प्रा.लि.प्रमुख हैं। शिकायत के मुताबिक,16 लोगों के नाम पर गायत्री की बेनामी संपत्तियां हैं। इसमें गायत्री के परिवार के अनिल प्रजापति (पुत्र), अनुराग प्रजापति (पुत्र), सुधा (पुत्री), अंकिता (पुत्री), महाराजी (पत्नी), रामशंकर (भाई), जगदीश प्रसाद (भाई) शामिल हैं। करीबियों में गुड्डा देवी (महिला सहयोगी), राम सहाय (ड्राइवर), रामराज (सहयोगी), पूनम (गुड्डा की बहन), सुरेन्द्र कुमार, प्रमोद कुमार सिंह, सरोज कुमार, जन्मेजय और देवतादीन शामिल हैं।
करोड़ों में जमीन का कारोबार
इसके अलावा गायत्री का जमीन का भी कारोबार करोड़ों में है। 2012 में विधायक बनने से पहले गायत्री प्रसाद प्रजापति छोटी-छोटी जमीनें खरीदकर प्रॉपर्टी डीलिंग का काम किया करते थे। लखनऊ के रायबरेली रोड पर मोहनलाल गंज में इनकी 110 एकड़ जमीन का जिक्र कंपनी में किया गया है। गायत्री प्रसाद की कंपनियां खनन के अलावा जमीन से जुड़े हुए व्यापार में भी शामिल रहीं हैं। प्रॉपर्टी से जुड़े व्यापार और अवैध सम्पत्तियों के लिए अलग कंपनियां बनाई गई हैं।
Published on:
13 Nov 2021 11:32 am
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