
महंगी हो रही सब्जियां, प्याज के दाम छू रहे आसमान, बढ़ते दामों पर नियंत्रण के लिए सरकार खोलेगी सस्ते बिक्री केंद्र
लखनऊ. बारिश के कारण मंडी में सब्जियों की आवक पहले जैसी नहीं है। थाली से हरी सब्जियां भी गायब हो रही हैं। वहीं, सब्जियों में अब तक नरम चलने वाली प्याज की कीमतों (Onion Price) में बढ़ोतरी से आम आदमी की जेब पर भारी असर पड़ रहा है। लोग ज्यादा दाम में प्याज खरीदने पर मजबूर हैं। प्याज के आसमान छूते दामों को थामने के लिए सरकार ने इसकी बिक्री केंद्र खोलने का फैसला किया है। केन्द्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने इसके लिए यूपी समेत अन्य राज्यों से प्याज की जरूरतों की जानकारी मांगी है। साथ ही राज्य सरकार से कहा है कि वह प्याज के खुदरा मूल्यों को नियंत्रित रखने के लिए कालाबाजारी और मुनाफतखोरी पर कड़ी नजर रखें। साथ ही यह भी कहा है कि अगर आने वाले समय में प्याज की मांग को पूरा करने में कोई परेशानी आती है, तो प्याज का आयात किया जाएगा जिससे की प्याज की खरीद पर असर न पड़े।
प्याज की बढ़ती कीमत परेशान करने लगी है। थोक व फुटकर सब्जी विक्रेता अपनी मनमानी छिपाने के लिए एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोपण कर रहे हैं। कुछ दिनों पहले जहां प्याज की कीमत 30-35 रुपये थी, वही अब 45-50 रुपये में बिक रहा है। प्याज की कीमतों में अचानक आई बढ़ोतरी से आम जनता की जेब ढीली हो रही है।
भूतनाथ के सब्जी विक्रेता अलाउद्दीन वराइनी ने बताया कि मंडी से ही प्याज 38 रुपये में मिल रहा है। सिकंदरबाग पर सब्जी बेचने वाले विनोद और कल्याणपुर सब्जी मंडी से सप्लाई देने वाले विजय कहते हैं कि प्याज आ ही नहीं रहा है, मंडी में यही कहा जाता है। हमें वहां से जिस भाव में मिलता है, उसमें भाड़ा जोड़कर ग्राहक से लेते हैं। विनोद का कहना है कि प्याज नहीं है तो जमाखोरी बढ़ गई है, इसलिए 50 रुपये में बेचना मजबूरी है।
प्रदेश में खोले जाएंगे प्याज के केंद्र
प्याज के दामों को नियंत्रित करने के लिए मंत्रालय ने प्रदेश में बिक्री केंद्र खोलने की योजना बनाई है। इसके लिए मंत्रालय ने अफसरों से इस बात की जानकारी भी मांगी है किसप्रदेश को कितनी मात्रा में प्याज की जरूरत है और इसे बेचने के लिए प्रदेश भर में कितने केन्द्र खोले जाएंगे।
यूपी में बहुत कम होता है प्याज का उत्पादन
प्रदेश में बमुश्किल 30,000 हेक्टेयर में प्याज की खेती हो रही है जबकि उत्पादन करीब 4, 40,000 टन है जो यहां की जरूरत के हिसाब से काफी कम है। प्रदेश के फतेहपुर, जालौन, झांसी, बांदा, ललितपुर, चित्रकूट, बदायूं, गाजीपुर व चन्दौली जिले में प्रमुख रूप से प्याज की खेती होती है। प्रदेश की प्याज की मांगों की पूर्ति महाराष्ट्र, कर्नाटक एवं मध्य प्रदेश से होती है।
Published on:
02 Oct 2020 10:41 am
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