
मां का दूध बच्चे की सेहत और पोषण के लिए अति आवश्यक होता है। मां के दूध का ही पोषण बच्चे को शुरुआती छह महीने और उसके बाद भी मिलता रहता है। नवजात अपनी मां के दूध पर ही निर्भर होते हैं। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी और क्वीन मेरी अस्पताल ने एक रिसर्च किया है। नॉनवेजिटेरियन मां के दूध को जहर बताया है।
डिपार्टमेंट ऑफ बायोकेमिस्ट्री लैब में हुई रिसर्च में पाया गया कि महिलाओं के ब्रेस्ट मिल्क में भी कीटनाशक और घातक रसायन हैं। हैरान करने वाली बात है कि शाकाहारी महिलाओं की तुलना में मांसाहारी महिलाओं के दूध में कीटनाशक की मात्रा 3.5 गुना अधिक पाई जाती है।
मां के दूध में भी खतरनाक कीटनाश है मौजूद
KGMU में बायोकेमेस्ट्री के हेड अब्बास अली मेहदी ने बताया, “फसलों और खानपान की चीजों में अब अंधाधुंध खतरनाक रासायनिक पदार्थों और कीटनाशक दवाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है। रिसर्च में पाया गया कि मां के दूध में भी खतरनाक कीटनाशकों की मात्रा मौजूद है।”
अब्बास अली मेहदी ने आगे बताय, “नवजात शिशु के शरीर के लिए ऐसा दूध खतरनाक ही है। मेहदी ने यह भी कहा कि जन्म से ही बच्चों को इस तरह के घातक रसायन मिलने की वजह से ही अब कम उम्र में ही लोगों को अलग तरह की बीमारियां हो रही हैं।”
बचाव का यही है एकमात्र उपाय
मेहदी ने बताया “अगर महिलाएं इससे बचाव करना चाहती हैं तो वो हरी सब्जियों और फलों का खाना चाहिए। फलों और सब्जियों का खाने से पहले उनको अच्छे से साफ कर लेना चाहिए। कोशिश करें कि फल का छिलका उतारकर ही खाएं। अपनी डाइट में रोज कुछ न कुछ नया जोड़ते रहें। यही बचाव का एकमात्र उपाय है।
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उन्होंने ने आगे बताया, नॉनवेज के शौकीन लोगों को अच्छा चिकन परोसने के चक्कर में जानवरों को कई तरह के इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं। उनका वजन बढ़ाया जा रहा है। यह बड़ी वजह है कि मांसाहार का सेवन करने वाली महिलाओं के ब्रेस्ट मिल्क में कीटनाशक ज्यादा पाए गए हैं।
Updated on:
31 Jan 2023, 5:02 PM IST
Published on:
31 Jan 2023, 5:02 PM IST
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