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लव लेटर ले जाते थे लालजी टंडन के कबूतर

तैरना और पतंगबाजी का भी शौक है लालजी टंडन को
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लखनऊ

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Anil Ankur

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Updated: 20 May 2018, 4:54 PM IST

tandon ke kabutar

tandon ke kabutar

अनिल के अंकुर
लखनऊ। लखनऊ पर लिखी अपनी किताब अनकहा लखनऊ से चर्चा में फिर आए पूर्व आवास एवं नगर विकास मंत्री व पूर्व सांसद वरिष्ठ भाजपा नेता लालजी टंडन 12 साल की उम्र से आरएसएस से जुड़ गए थे। तब वे जितनी मेहनत करते थे आज भी उससे कम नहीं करते हैं। सुबह जल्दी उठना, लोगों को एकत्र करना और उनसे मिलना- यह उनका पुराना शगल रहा है। आज भी लालजी टंडन सुबह से सक्रिय होते हैं तो रात तक जनता से मिलते रहते हैं। उनकी समस्याएं सुनते हैं। सुबह चौक के मकान में टंडनजी बैठते हैं तो शाम को विधानसभा के सामने वाले आवास पर। इसी के बगल में उनके राज्य सरकार में मंत्री बेटे आशुतोष टंडन का मकान है, लेकिन टंडनजी अपने काम की सिफारिश बेटे से नहीं करते। वे कहते हैं सरकार कोई भी हो हमारा काम नहीं रुकता। इसीलिए जनता हमारे पास आती है। हमेशा व्यस्त रहने वाले भाजपा नेता लालजी टंडन को पार्टी ने भले ही कोई जिम्मेदारी न दी हो, पर वे वैसे ही लगे रहते हैं जैसे पहले की तरह ***** टाइमर हों। वे कैसे समय काटते हैं, क्या पार्टी में कोई जिम्मेदारी संभालने के लिए उनसे कहा गया? किस नेता ने कब किसकी काट की। इन विषयों पर टंडन से पत्रिका के ब्यूरो प्रमुख ने बात की। पेश हैं अंश-

सवाल- आपने कई दौर देखे हैं। अंग्रेजोंं का वक्त और आज का। कौन सा वक्त सियासी तौर पर बेहतर लगता है आपको?

उत्तर- अंग्रेजों के वक्त तो बच्चे थे, लेकिन उस समय भी हमें यह इस बात का जुनून था कि भारत से अंग्रेज चले जाएं। हम लोगों को एकत्र करने के लिए घर घर जाते थे और इक_ा करते थे।

सवाल- अब अंग्रेज चले गए तो आपको आज कैसा लगता है कि कौन बेहतर है?

उत्तर- कांग्रेस के वक्त तो खराब हालत हो गई थी पर मोदी ने देश का सीन ही बदल दिया है। यही हाल यूपी में योगी ने कर दिखाया है।

सवाल- आपका राजनीतिक जीवन बहुत लम्बा है। हमेशा बिजी रहते थे आप। पर अब कोई जिम्मेदारी नहीं है तो क्या करते हैं।

उत्तर- मैं 12 साल की उम्र से जितना व्यस्त था आज भी उतना ही हूं। पहले संघ के लिए काम करता था अब उसके साथ साथ जनता से सुबह से मिलना शुरू कर देता हूं और देर रात तक मिलता रहता हूं।

सवाल- अब आपकी सरकार है तो जनता की समस्याएं जल्द हल हो जाती होंगी?

उत्तर- सरकार कोई भी हो, हम ज्यूनून समस्याओं की सिफारिश करते रहे हैं। हमारी बात दूसरे दलों के नेता भी सुनते थे और हमारे दल के नेता भी सुनते हैं।

सवाल- आपकी नजर में योगी सरकार कैसी चल रही है। आप योगी सरकार को 10 में कितने नम्बर देंगे?

उत्तर- सरकार बहुत अच्छी चल रही है। पूरे नम्बर दे दूंगा योगी को।

सवाल- राजनीति में तो आप सफल रहे। पढ़ाई में कैसेे थे?

उत्तर- अच्छा स्टूडेंट था मैं। कभी फेल नहीं हुआ।

सवाल- राजनीति के अलावा और क्या कर लेते हैं आप?

उत्तर- सब कुछ कर लेता हूं। खाना बहुत अच्छा बना लेता हूूं।

सवाल - कुछ खेलते थे आप?

उत्तर- क्रिकेट भी खेला, फुटबाल भी खेला। पर हमें स्विमिंग बहुत अच्छी लगती थी। गोमती नदी में तैरता था मैं। कई बार तो स्कूल से क्लास बंक करके तैरने भाग गया। इसकी शिकायत भी हो गई थी। (और वे हंसने लगे)

सवाल- पतंग उड़ाई है कभी आपने?

उत्तर- बहुत उड़ाई है।

सवाल- अब मन नहीं करता?

उत्तर- वक्त ही नहीं मिलता। मैंने तो कबूतर उड़ाए हैं। तरह तरह के कबूतर थे मेरे पास। कबूतर की रेस, कबूतर की लड़ाई भी मैंने करवाई है। कई पुरस्कार भी जीते थे।

सवाल- एक फिल्म में दिखाया गया था कि कबूतर letter पहुंचाते हैं। आपने कभी चि_ी पहुंचवाई?

उत्तर- मेरे कबूतर लव लेटर लेकर जाते थे। अब ये नहीं बताऊंगा किसके लव लेटर थे और किसे देकर आते थे। यह कह टंडन जी फिर हंसने लगे और बोले बाकी बातें बाद में बताउंगा।