
UP: उत्तर प्रदेश में शराब के शौकीनों को झटका लग सकता है। नए वित्त वर्ष 2025-26 में शराब की कीमतों में बढ़ोतरी होना तय है। दरअसल, योगी सरकार 6 साल बाद नई शराब नीति लेकर आई है, जिसमें कई व्यवस्थाएं बदल गई है। नई शराब नीति में जहां लाइसेंस फीस बढ़ाई गई है। वहीं, लाइसेंस का आवंटन ई-लाटरी से किया जाएगा।
छह वर्ष बाद अगले वित्तीय वर्ष 2025-26 में शराब की दुकानों के लाइसेंस का आवंटन नए सिरे से ई-लाटरी के माध्यम से किया जाएगा.नई आबकारी नीति को कैबिनेट से मंजूर मिल गई है। राजस्थान और उत्तराखंड की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी पहली बार अंग्रेजी शराब, बीयर व वाइन की बिक्री के लिए कंपोजिट दुकानें खोलने का भी निर्णय किया गया है।
सूत्रों के अनुसार नई आबकारी नीति से सरकार ने 55000 का राजस्व हासिल करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए शराब की दुकानों के लाइसेंस का नवीनीकरण न करने का निर्णय किया गया है। ई-लाटरी से आवेदन करने वाले व्यापारियों की संख्या बढ़ेगी और इससे सरकार का राजस्व भी बढ़ेगा। नई नीति में लाइसेंस फीस में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने की बात सामने आई है। प्रीमियम रिटेल दुकानों के लिए अलग से राशि देनी होगी साथ ही कोई भी फर्म या व्यक्ति दो से ज्यादा लाइसेंस नहीं ले सकेगा।
- कंपोजिट दुकानों को मॉडल शॉप में परिवर्तित किया जाएगा, इसका अलग से शुल्क देना पड़ेगा
-दुकानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाया जाएगा और फेसिंग भी की जाएगी
-दुकानों के लिए कोटा की व्यवस्था भी होगी समाप्त
आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने नई नीति के बारे में आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी देने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि गुरुवार को नई नीति के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी।
Updated on:
06 Feb 2025 01:48 pm
Published on:
06 Feb 2025 01:48 pm
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