30 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

कोरोना वायरस की रफ्तार छोटे जिलों व गांवों में हुई तेज

Corona virus speed fast Small districts villages - एक माह में 30 जिलों में अचानक 20 गुना तक बढ़ गए कोरोना मरीज
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

लखनऊ

•

image

Mahendra Pratap Singh

•

Updated: 10 May 2021, 2:29 PM IST

कोरोना वायरस की रफ्तार छोटे जिलों व गांवों में हुई तेज

कोरोना वायरस की रफ्तार छोटे जिलों व गांवों में हुई तेज

लखनऊ.Corona virus speed fast Small districts villages कोरोना वायरस ने धीरे-धीरे गांवों के साथ-साथ छोटे शहरों में भी जगह बना ली है। यूपी सरकार की तरफ से गांवों में चलाई जा रही कोरोना जांच में बीते 24 घंटें में करीब 5262 पाजिटिव पाए गए हैं। वहीं जिन छोटे जिलों में एक माह पहले कोरोना पाजिटिव मरीज बेहद कम थे वहां आज कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों की संख्या बीस गुना तक बढ़ गई है। जिला प्रशासन हैरान है। वैसे अंदाज यह लगाया जा रहा है कि प्रवासी लोगों का अपने गांव वापस आना इस संख्या में इजाफे की बड़ी वजह है।

अखिलेश यादव का सीएम योगी पर तंज, वाह..गलती से दूसरे वार्ड के वोट गिन लिए, घोर कलियुग

गांव में कुल 54167 लोगों की कोरोना टेस्टिंग :- यूपी पंचायती राज विभाग गांवों में कोरोना जांच अभियान चला रहा है। बीते 24 घंटों में यूपी के ग्रामीण इलाकों में कुल 54167 लोगों की कोरोना टेस्टिंग की गई। जिसमें 5262 कोरोना पाजिटिव मरीज पाए गए। कुल 6589 लोग आइसोलेट किए गए। कुल 16056 मेडिकल किट बांटे गए। 3796 प्रवासी लोगों की पहचान की गई। राज्य में अब तक बाहर से गांव आए कुल 195203 लोगों की पहचान की गई है। अपर मुख्य सचिव पंचायतीराज मनोज कुमार सिंह ने बताया कि, इस अभियान में 56987 राजस्व ग्रामों की सफाई, 22842 गांवों का सैनिटाइजेशन करवाया गया।

प्रवासी बने मुख्य वजह :- कोरोना वायरस की रफ्तार अब छोटे जिलों में भी बढ़ गई है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों से पता चलता है कि एक माह (8 अप्रैल) पहले जिन जिलों में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 50 से कम थी। वहां आज एक माह बाद करीब 20 फीसदी तक संक्रमण बढ़ चुका है। ऐसा माना जा रहा है कि इसकी मुख्य वजह प्रवासियों का अपने जिलों और गांवों में वापस आना है। माना जा रहा है। कुछ ऐसे जिले भी हैं, जहां आज भी मरीजों की संख्या 20 से 25 तक ही रोजाना है।