
फोटो सोर्स : पत्रिका उत्तर भारत का पहला आयुर्वेद पार्क, स्वास्थ्य, योग,संस्कृति और आयुर्वेद ज्ञान का अनोखा संगम
Basant Kunj Ayurveda Park Lucknow: राजधानी लखनऊ की बसंतकुंज योजना में अब जल्द ही एक ऐसा आधुनिक और समग्र आयुर्वेदिक पार्क विकसित होने जा रहा है, जो स्वास्थ्य, पर्यावरण और भारतीय परंपरा को एक साथ जोड़ेगा। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत 6.5 एकड़ क्षेत्रफल में लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से यह आयुर्वेद पार्क तैयार किया जाएगा। इसमें केवल हरियाली और सैर की सुविधा ही नहीं होगी, बल्कि लोगों को प्राचीन आयुर्वेदिक ज्ञान से भी परिचित कराया जाएगा।
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने इस योजना का स्थलीय निरीक्षण किया और विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिये। उन्होंने बताया कि इस आयुर्वेद पार्क में एम्फीथियेटर, किड्स प्ले एरिया, ओपन जिम, वॉटर बॉडी, कैफेटेरिया, इन्ट्रेंस प्लाज़ा, गज़ीबो, 1000 मीटर लंबा पाथ-वे, पार्किंग क्षेत्र समेत अन्य कई नागरिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। पार्क की विशेषता यह होगी कि इसमें आयुर्वेदाचार्य चरक, सुश्रुत, वाग्भट आदि की मूर्तियां स्थापित की जाएंगी, जो भारतीय चिकित्सा प्रणाली की समृद्ध परंपरा की याद दिलाएंगी। साथ ही, "वेद लाइब्रेरी" भी स्थापित की जाएगी, जिसमें आयुर्वेद से संबंधित ग्रंथ, पुस्तकें और डिजिटल संसाधनों के माध्यम से लोगों को आयुर्वेद का गहन ज्ञान उपलब्ध कराया जाएगा।
इस पार्क को आयुर्वेदिक पहचान देने के लिए कई प्रकार के औषधीय पौधे लगाए जाएंगे। इनमें तुलसी, अश्वगंधा, एलोवेरा, अंजीर, सतावरी, कालमेघ, गिलोय, ब्रह्मी, पीपली, करौंदा, हल्दी, हरड़, करी पत्ता, बज्रदंती, चित्रक, अपराजिता, हीना आदि शामिल होंगे। इस जैव विविधता का उद्देश्य न केवल सुंदरता बढ़ाना है, बल्कि लोगों को उनके औषधीय गुणों के बारे में जागरूक करना भी है।
बसंतकुंज योजना के सेक्टर-डी में गाटा संख्या 591 की नजूल भूमि को एलडीए द्वारा ग्रीन बेल्ट के रूप में चिन्हित किया गया है। यहां कुछ लोगों द्वारा अवैध कब्जा किए जाने की सूचना पर उपाध्यक्ष ने सख्त निर्देश जारी किए कि 10 दिन के भीतर भूमि को कब्जा मुक्त कराकर वहां औषधीय पौधों की नर्सरी और आम का बाग विकसित किया जाए। इस बाग में आम की देसी और हाइब्रिड प्रजातियों की लगभग 60 किस्में लगाई जाएंगी। इससे पर्यावरणीय समृद्धि के साथ-साथ बागवानी को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
एलडीए की बसंतकुंज योजना के सेक्टर-के में ग्राम बरावन खुर्द की लगभग 68,000 वर्ग मीटर भूमि रिक्त पड़ी है। यह भूमि पहले से ही प्राधिकरण की अर्जित भूमि है। निरीक्षण के दौरान उपाध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस भूमि का जल्द से जल्द भौतिक कब्जा प्राप्त किया जाए और नई योजना की रूपरेखा तैयार की जाए। इसके अलावा, सेक्टर-पी की व्यावसायिक भूमि का भी निरीक्षण किया गया। यह भूमि सुलभ आवास मार्ग से जुड़ी हुई है, और उपाध्यक्ष ने वहां नई लिंक रोड के निर्माण में आ रही बाधाओं को नगर निगम से समन्वय कर दूर करने के निर्देश दिये हैं।
बसंतकुंज के जॉगर्स पार्क में मॉर्निंग वॉक और योग करने वाले लोगों की ओर से योगा हट की मांग की गई थी। इस पर एलडीए उपाध्यक्ष ने तत्काल उद्यान अधिकारी को योगा हट का निर्माण कराने के निर्देश दिए हैं। इसके अतिरिक्त टॉयलेट ब्लॉक, बाउंड्री वॉल की मरम्मत, और लॉन का नवीनीकरण कराने के भी आदेश दिए गए हैं। पार्क में स्थित कैफेटेरिया को दोबारा शुरू कराने के लिए आरएफपी (Request for Proposal) भी दो सप्ताह के भीतर आमंत्रित करने का आदेश दिया गया है, जिससे वहां आने-जाने वालों को खाने-पीने की सुविधाएं मिल सकें।
एलडीए उपाध्यक्ष ने राष्ट्र प्रेरणा स्थल का निरीक्षण भी किया, जहां पर सिंथेटिक ट्रैक और बोलार्ड लगाने का कार्य प्रस्तावित है। उन्होंने कार्यों में तेजी लाने और शीघ्र टेंडर आमंत्रित कर निर्माण कार्य शुरू कराने के निर्देश दिये। बरसात को ध्यान में रखते हुए राष्ट्र प्रेरणा स्थल के पास बनाए जा रहे पंपिंग स्टेशन का निर्माण कार्य भी समयबद्ध तरीके से बरसात से पहले पूरा करने के आदेश दिए गए हैं।
निरीक्षण के दौरान प्रभारी मुख्य अभियंता नवनीत शर्मा, जोनल अधिकारी अतुल कृष्ण सिंह, अधिशासी अभियंता संजीव कुमार गुप्ता, मनोज सागर, नीरज कुमार, और उद्यान अधिकारी शशि कुमार भारती समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।
Updated on:
25 May 2025 09:49 am
Published on:
25 May 2025 09:49 am
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