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भोजपुरी स्टार और भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने फिल्म अभिनेत्री कंगना को दे डाली नसीहत, शुरू हुआ विवाद

एक इंटरव्यू के दौरान मनोज तिवारी ने कंगना को नसीहत देते हुए उनके व्यवहार को गलत ठहराया है। इस इंटरव्यू के दौरान मनोज तिवारी ने राजनीति व फिल्म जगत को लेकर तमाम सवालों के जवाब दिए। कंगना राणावत को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में मनोज तिवारी ने कहा कि एक कलाकार के तौर पर भाषा की मर्यादा का पालन करना अनिवार्य होता है। अपने विचारों को व्यक्त करने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन विचारों को व्यक्त करने के लिए भाषा का प्रयोग किया जाना चाहिए।
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लखनऊ

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Prashant Mishra

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Updated: 9 Feb 2022, 1:46 PM IST

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लखनऊ. भोजपुरी स्टार व भारतीय जनता पार्टी से सांसद मनोज तिवारी ने फिल्म अभिनेत्री कंगना राणावत को नसीहत दी है। कंगना राणावत अपने बयानों से अक्सर सुर्खियों में रहती हैं अपने बयानों में कंगन ने महाराष्ट्र सरकार तक को नहीं छोड़ा है। फिल्म अभिनेता सुशांत राजपूत की हत्या के मामले में कंगना राणावत ने महाराष्ट्र पुलिस व सरकार को घेरा था साथ ही बॉलीवुड पर नेपोटिज्म परिवारवाद का आरोप लगाया था। इसी के साथ तमाम मुद्दों पर कंगना राणावत अपनी प्रतिज्ञा देती रहती हैं। भले ही कंगना अपने बयानों में भारतीय जनता पार्टी के प्रति साकारात्मक दिखती हो लेकिन भोजपुरी फिल्म के स्टार भाजपा के सांसद मनोज तिवारी ने कंगना राणावत को नसीहत दी है।

सवाल के जवाब में कहीं बातें

एक इंटरव्यू के दौरान मनोज तिवारी ने कंगना को नसीहत देते हुए उनके व्यवहार को गलत ठहराया है। इस इंटरव्यू के दौरान मनोज तिवारी ने राजनीति व फिल्म जगत को लेकर तमाम सवालों के जवाब दिए। कंगना राणावत को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में मनोज तिवारी ने कहा कि एक कलाकार के तौर पर भाषा की मर्यादा का पालन करना अनिवार्य होता है। अपने विचारों को व्यक्त करने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन विचारों को व्यक्त करने के लिए भाषा का प्रयोग किया जाना चाहिए।

कलाकार की होती है मर्यादा

मनोज तिवारी ने कहा कि किसी भी कलाकार के लिए तीखी भाषा का प्रोयग ठीक नहीं है। राजनीति में आना चाहता है तो अलग बात है। एक कलाकार की अपनी मर्यादा होती है और उसे मर्यादा का पालन करना चाहिए। अपने इंटरव्यू में तिवारी ने कहा कि कंगना को महाराष्ट्र सरकार तक अपनी बात पहुंचाने या विरोध करने के लिए संयमित तरीके से अपनी बात कहनी चाहिए। किसी का अनादर करना हमारे देश की संस्कृति नहीं है हमें अपनी संस्कृति का पालन करते हुए अच्छी भाषा का प्रयोग अपने विरोधियों के खिलाफ भी करना चाहिए।