
टोल प्लाजा कर्मचारियों के बच्चों के लिए सुनहरा अवसर, शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार की पहल (फोटो सोर्स : AI)
Scholarship Scheme 2025 : देशभर के टोल प्लाजाओं पर कार्यरत हजारों कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर आई है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने अपने सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) कार्यक्रम के तहत टोल कर्मियों के बच्चों के लिए विशेष छात्रवृत्ति योजना (Scholarship Scheme) शुरू करने की घोषणा की है। इस योजना का उद्देश्य उन परिवारों के बच्चों को उच्च शिक्षा के अवसर प्रदान करना है, जिनकी आर्थिक स्थिति सीमित है, लेकिन जिनमें पढ़ने और आगे बढ़ने की इच्छा प्रबल है। इस योजना के तहत टोल प्लाजा पर कार्यरत पर्यवेक्षक, कैशियर, गार्ड, तकनीकी स्टाफ और सहायक कर्मियों के बच्चे छात्रवृत्ति पाने के पात्र होंगे। योजना के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 30 नवंबर 2025 निर्धारित की गई है।
एनएचएआई द्वारा शुरू की गई यह पहल उस वर्ग को मुख्यधारा में लाने का प्रयास है जो देश के राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण अपने बच्चों की शिक्षा को लेकर परेशान रहता है। एनएचएआई के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार,टोल प्लाजा पर काम करने वाले कर्मचारी देश के बुनियादी ढांचे के संचालन का अहम हिस्सा हैं। उनके बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अवसर देना हमारी सामाजिक जिम्मेदारी का हिस्सा है। इस योजना के माध्यम से ऐसे कर्मचारियों के बच्चों को प्राथमिक से लेकर स्नातक स्तर तक की पढ़ाई में शिक्षा शुल्क, किताबों और अन्य खर्चों के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी।
एनएचएआई ने आवेदन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन रखी है ताकि देश के किसी भी हिस्से से कर्मचारी आसानी से आवेदन कर सकें। इच्छुक आवेदक NHAI की आधिकारिक वेबसाइट www.nhai.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
योजना के अंतर्गत चयनित छात्रों को उनके शैक्षणिक स्तर के अनुसार छात्रवृत्ति दी जाएगी:
| शिक्षा स्तर | छात्रवृत्ति राशि (प्रति वर्ष) |
| कक्षा 6 से 10 | ₹10,000 तक |
| कक्षा 11-12 | ₹15,000 तक |
| स्नातक/डिप्लोमा कोर्स | ₹25,000 तक |
यह स्कॉलरशिप योजना एनएचएआई के कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) कार्यक्रम का हिस्सा है। इस कार्यक्रम के तहत अथॉरिटी देशभर में शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कई प्रोजेक्ट चला रही है। अधिकारियों का कहना है कि टोल प्लाजा पर कार्यरत कर्मचारियों की भूमिका सड़क सुरक्षा और यातायात प्रबंधन में महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में उनके बच्चों को शिक्षित करना दीर्घकालिक सामाजिक निवेश साबित होगा।
इस घोषणा के बाद टोल कर्मियों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। राजधानी लखनऊ के एक टोल प्लाजा कर्मचारी अमित वर्मा ने कहा कि हमारे बच्चों के लिए पढ़ाई का खर्च बड़ा बोझ होता है। एनएचएआई की इस योजना से बहुत राहत मिलेगी। अब बच्चों के सपनों को पंख लगेंगे। एक अन्य कर्मचारी रीना चौहान, जो बतौर कैशियर काम करती हैं, ने बताया कि मेरी बेटी 12वीं में है। हम चाहते हैं कि वह इंजीनियर बने। यह छात्रवृत्ति उसकी पढ़ाई में बहुत मदद करेगी।”
एनएचएआई के आंकड़ों के अनुसार, देशभर में करीब 1,200 से अधिक टोल प्लाजाओं पर लगभग 40,000 कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें से अधिकांश निजी एजेंसियों या ठेकेदारों के माध्यम से नियोजित हैं। एनएचएआई के एक अधिकारी ने बताया कि इस योजना से कम से कम 15,000 छात्रों को प्रथम चरण में लाभ देने का लक्ष्य है। भविष्य में योजना को स्थायी छात्रवृत्ति कार्यक्रम के रूप में लागू करने की भी तैयारी की जा रही है।
इन कार्यक्रमों का उद्देश्य यह दिखाना है कि एनएचएआई सिर्फ सड़कों का निर्माण नहीं, बल्कि समाज के समग्र विकास के लिए भी प्रतिबद्ध है।
Published on:
13 Nov 2025 02:59 pm
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