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गाड़ी खरीदने पर नहीं मिल रही आरसी, लगाते रह जाएंगे चक्कर

राजधानी लखनऊ में इन दिनों वाहन खरीदने के बाद वाहन स्वामियों को आरसी (रेजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट) के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है।
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लखनऊ

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Abhishek Gupta

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Updated: 11 Aug 2021, 3:44 PM IST

Cars

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लखनऊ. राजधानी लखनऊ में इन दिनों वाहन खरीदने के बाद वाहन स्वामियों को आरसी (रेजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट) के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। वाहन स्वामी आरटीओ व एजेंसी के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन कोई फायदा नहीं हो रहा। ऐसे में यह लोग परेशान हैं। इनकी समझ में नहीं आ रहा क्या किया जाए। वाहन चेकिंग के दौरान पूरे पेपर रखने की अनिवार्यता का प्रेशर तो है ही, कई अन्य काम भी बाधित हो रहे हैं। इनमें डुप्लीकेट आरसी, बैंक लोन का हटवाया जाना, एड्रेस चेंज, स्वामित्व स्थानांतरण सहित कई अन्य मामले शामिल हैं।

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आरसी मामले में बीते 15 दिनों से परिवहन विभाग की लापरवाही या कहे सुस्त रवैया सामने आ रहा है। करीब 15000 आवेदकों की आरसी संभागीय परिवहन कार्यालय से गायब है। वाहन स्वामी पूछते को अधिकारियों से जवाब आता कि छपे आरसी प्रपत्र मंगाए जा रहे हैं।

क्यों नहीं हो रहा समस्या का समाधान-

यह देखने को मिल रहा है कि आमजन से जुड़ी परेशानियों का उच्चाधिकारी संज्ञान नहीं ले रहे हैं। कुछ समस्याएं दबा ले रहे हैं। और जब जवाबदेही होती है, तो उसका भी रास्ता निकाल लेते हैं। कुछ आरसी अलमारी में बंद रखी रहती हैं और जुगाड़ होने पर या फिर वीआईपी की मांग पर ही यह मिल रही हैं। विभागीय कर्मी होने की वजह से उन्हें अंदाजा होता है कि कब तक आरसी के प्रपत्र छपकर आ जाएंगे और कब तक किल्लत रहने वाली है। इसको देखते हुए पंजीयन प्रमाण वह अपने हिसाब से ही धीरे-धीरे बाहर निकालते हैं। परिवहन आयुक्त कार्यालय इस व्यवस्था को ठीक नहीं कर पा रहा है और आमजन परेशान हैं।

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अधिकारी ने दिया भरोसा-

संभागीय परिवहन अधिकारी आरपी द्विवेदी का कहना है कि डिमांड मुख्यालय को दे दी गई है। आरसी प्रपत्र छप कर जल्द ही आ जाएंगे। आरसी मिलते ही लंबित पड़े वाहन स्वामियों को पंजीयन प्रमाणपत्र दे दिए जाएंगे। आपको बता दें कि लखनऊ में प्रतिमाह औसतन करीब 15000 से अधिक नए वाहन एजेंसियों से खरीदे जाते हैं। इसके अतिरिक 7 से 8 हजार पंजीयन प्रमाण पत्र संशोधन के लिए आते हैं।