उत्तर प्रदेश में अभी तक कभी भी दलीय आधार पर पंचायत चुनाव नहीं हुआ है। अभी तक राजनीतिक दल जिला पंचायत सदस्य और अध्यक्ष के चुनाव में खुलकर समर्थित प्रत्याशी देते रहे हैं। इसके अलावा बीडीसी चुनाव में भले ही पार्टियों का कभी सीधा दखल नहीं रहा, लेकिन समर्थित ब्लॉक प्रमुख बनाने के लिए सब दांव-पेंच चलते रहे हैं। लेकिन, इस बार राजनीतिक सरगर्मी ने गांवों के चुनाव की तपिश बढ़ा दी है। बीजेपी, सपा, बसपा और कांग्रेस के अलावा तमाम छोटे दल भी पंचायत चुनाव में दो-दो हाथ करने को तैयार हैं, लेकिन सिर्फ जिला पंचायत चुनाव तक। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मंत्री ओम प्रकाश राजभर का कहना है कि उनका मोर्चा सिर्फ जिला पंचायत सदस्य के लिए प्रत्याशी देगा। मोर्चे में शामिल दल गांव की राजनीति में पार्टी नहीं बनेंगे।