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चुनाव नतीजों के बाद ट्विटर से गायब हुईं मायावती, प्रियंका और डिंपल

- लोकसभा चुनाव के परिणाम के बाद सोशल मीडिया से गायब हुआ विपक्ष - मायावती, प्रियंका गाँधी और डिंपल यादव ने नहीं किया ट्वीट - 23 मई के बाद से नहीं हुआ ट्वीट
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लखनऊ

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Karishma Lalwani

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Updated: 29 May 2019, 3:57 PM IST

priyanka mayawati and dimple yadav

चुनाव नतीजों के बाद ट्विटर से गायब हुईं मायावती, प्रियंका और डिंपल

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में अपनी खोई हुई ताकत व सत्ता में वापसी करने के लिए सपा-बसपा ने गठबंधन किया, तो वहीं 80 लोकसभा सीटों पर अकेले लड़ने का ऐलान करने वाली कांग्रेस ने भी चुनाव जीतने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा दिया। भाजपा और उनकी नीतियों पर कई बार विपक्ष ने सवाल भी खड़े किए। कभी रोड से तो कभी सोशल साइट पर। यहां तक कि कई नए चेहरों को भी तवज्जो दी गई। बावजूद इसके कांग्रेस का प्रचार और सपा-बसपा का गठबंधन खास करिश्मा नहीं दिखा सका। चुनाव में हारे विपक्षी दलों का हाल अब ऐसा है कि उन्होंने सोशल मीडिया से कुछ दूरी बना ली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी की नीतियों पर सवाल खड़े करने वाले विपक्षी नेता लोकसभा चुनाव 2019 के परिणमा के बाद से सोशल मीडिया से गायब हैं। बसपा प्रमुख मायावती, अखिलेश की पत्नी व कन्नौज से चुनाव लड़ चुकीं डिंपल यादव, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी समेत कई दिग्गज 23 मई के चुनावी परिणाम के बाद से सोशल मीडिया से छूमंतर हैं।

सोशल मीडिया से गायब हुईं मायावती

बसपा प्रमुख मायावती ने 17 मई के बाद से ही कोई ट्वीट नहीं किया है। उनके ट्वीट में अक्सर भाजपा व मोदी सरकार के खिलाफ कटाक्ष रहता है। उन्होंने अंतिम चरण के मतदान से दो दिन पहले यानी कि 17 मई को इस महीने का आखिरी ट्वीट किया। उन्होंने लिखा था, ''मानवतावाद के मसीहा तथागत गौतम बुद्ध का शान्ति, अहिंसा, करुणा और दया का संदेश सम्पूर्ण मानवता के लिए ऐसी अमूल्य निधि है जिसकी बदौलत अपने देश में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में शान्ति व सद्भाव का वातावरण सृजित किया जा सकता है, जिसकी आज सख्त जरूरत भी है।''

इसी दिन उन्होंने अन्य ट्वीट किए, जिसमें उन्होंने पीएम मोदी के गुजरात मॉडल पर निशाना साधा था। मायावती ने लिखा कि पीएम मोदी के गुजरात मॉडल यूपी के पूर्वांचल की गरीबी और पिछड़ेपन को दूर करने में असफल रही। मोदी-योगी की डबल इंजन वाली सरकार ने विकास के बजाए केवल जाति व साम्प्रदायिक उन्माद, घृणा व हिंसा ही देश को दिया है। वहीं दूसरे ट्वीट में उन्होंने 1977 के रायबरेली चुनाव के इतिहास की बात कर वाराणसी से पीएम मोदी की हार को एतिहासिक बताया। बता दें गठबंधन में सपा को 5 और बसपा को 10 सीटें मिली।

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20 मई के बाद नहीं आया ट्वीट

मोदी के आलोचकों में शुमार कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी 20 मई के बाद से ट्विटर से नदारद हैं। अपने आखिरी पोस्ट में उन्होंने अपने पिता राजीव गांधी के साथ तस्वीर साज्ञा की है। इसके पहले 17 मई को किए गए ट्वीट में प्रियंका ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा, '' 60 दिनों से ‘एक व्यक्ति-एक वोट’ यानी सबकी राजनीतिक बराबरी का जोशीला चुनाव प्रचार अभियान आपके प्यार से सम्भव हुआ। बीजेपी की तमाम कोशिशों के बावजूद हमने चुनाव को रोजगार, खेती और कमाई के मुद्दों से भटकने नहीं दिया। 23 तारीख को न्याय और जनता की आवाज़ की जीत निश्चित है।'' बता दें प्रियंका ने इस बार चुनाव नहीं लड़ा लेकिन अपनी पार्टी कांग्रेस का प्रचार करने का भी उन्हें कुछ खास फायदा नहीं मिला। 543 सीटों में से कांग्रेस सिर्फ 52 सीटें ही जीतने में कामयाब रही।

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल ने आखिरी ट्वीट 23 मई को किया, जिसमें उन्होंने अपनी हार को स्वीकार करते हुए कन्नौज का धन्यवाद किया है। डिंपल को भाजपा के सुब्रतो पाठक ने 12353 वोटों से मात दी। 23 मई के पहले डिंपल ने 10 मई को ट्वीट कर प्रयागराज से रोड शो की तस्वीरें साझा की थीं। उन्होंने प्रयागराज के रोड शे मों मिले जनता के स्नेह के लिए उन्होंने धन्यवाद किया था।

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