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जब राजेश साहनी ने 34 हजार के लिए टाल दिया था अपना आपरेशन, किश्तों में दिए थे डाक्टर को रुपए

दंगा के बाद दोनों पक्षों को शांत करा मिलवा दिए थे गले।  
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लखनऊ

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Ashish Kumar Pandey

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Updated: 30 May 2018, 2:17 PM IST

Rajesh Sahani postponed

जब राजेश साहनी ने 34 हजार के लिए टाल दिया था अपना आपरेशन, किश्तों में दिए थे डाक्टर को रुपए

लखनऊ.एटीएस के एएसपी राजेश साहनी द्वारा सुसाइड करने की घटना से उनके विभाग से लेकर रिस्तेदार और उनके करीबी काफी दुखी हैं। अपने काम के प्रति सच्ची निष्ठा रखने वाले साहनी के बारे में जब लोगों ने सुना तो उन्हें विश्वास ही नहीं हो रहा था कि वे ऐसा कदम उठा सकते हैं। जहां भी रहे ईमानदारी के साथ काम किया। आज वे नहीं हैं लेकिन उनके काम की चर्चा पूरे विभाग में हो रही है। किसी भी घटना की बारिकियों और उसके तह तक जा कर उसे साल्ब करना उनके लिए मानों कोई बड़ी बात नहीं थी। जो भी काम उन्हें सौंपा जाता वे बड़ी बखूबी से उसे करते थे।

पैसे नहीं थे तो डाल दिया था ऑपरेशन
राजेश साहनी की मौत ने सबको हिला के रख दिया। पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे उनके करीबियों ने बताया कि जब वे कैसरबाग सीओ के पद पर थे तो उन्होंने अपना एक ऑपरेशन कराया था। उनका चेकअप करने वाले निजी डाक्टर ने उन्हें आपरेशन की सलाह दी थी। ऑपरेशन में करीब ३४ हजार रुपए का खर्च आना था। रुपए की बात सुनकर वे आपरेशन की बात को टाल गए। डाक्टर के काफी समझाने पर उन्होंने अपना आपरेशन कराया। राजेश साहनी ने तीन किश्तों में डाक्टर के रुपए चुकाए।

साहनी मूलत: बिहार के रहने वाले थे, उनका जन्म 1969 को हुआ था। महज २३ साल की उम्र में 1992 में वे यूपी पुलिस में पीपीएस अधिकारी के तौर पर अपनी सर्विस शुरू की। सबसे पहली उनकी पोस्ट सीओ के पद पर हुई। वे इस पद पर जहां-जहां तैनात रहे लोगों के दिलों में अपना स्थान बना लिया। लोग उनके सरल स्वभाव की मिसाल देते नहीं थकते। जब बहराइच सीओ सिटी पद से उनका तबादला हुआ तो वहां की जनता उनका तबादला रोकने की मांग पर अड़ गई थी। इसके बाद वे राजधानी आ गए और यहां कैसरबाग और चौक में सीओ के पद पर तैनात रहे।

दंगा भड़का तो अहम भूमिका निभाई
जब वे कैसरबाग में तैनात थे उस समय दंगा भड़क गया। उन्होंने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने दोनों पक्षों को न केवल शांत कराया, बल्कि दूसरे दिन ही सबको बुलाया और अपने सामने गले तक मिलवा दिया। राजेश साहनी का 2013 में एडिशनल एसपी के पद पर प्रमोशन हुआ। इसके बाद उन्होंने दो साल तक एनआईए में अपनी सेवाएं दीं और जुलाई 2014 में यूपी एटीएस में एएसपी की जिम्मेदारी संभाली।