3 नवंबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

घोटाला करने में योगी सरकार ने नटवरलाल को भी पीछे छोड़ा- संजय सिंह

घोटाला जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह की निगरानी में- संजय सिंह
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

लखनऊ

•

image

Ritesh Singh

•

Updated: 8 Aug 2021, 6:57 PM IST

घोटाला करने में योगी सरकार ने नटवरलाल को भी पीछे छोड़ा- संजय सिंह

घोटाला करने में योगी सरकार ने नटवरलाल को भी पीछे छोड़ा- संजय सिंह

लखनऊ, आम आदमी पार्टी नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने आज लखनऊ में एक प्रेस काफ्रेंस में बोलते हुए योगी सरकार पर बड़ा हमला किया। संजय सिंह ने यूपी में जल जीवन मिशन में किये जा रहे करोड़ों के घोटाले का खुलासा करते हुए कई राज्यों में ब्लैक लिस्टेड कंपनी को कमीशन लेकर काम देने का आरोप लगाया। संजय सिंह ने मीडिया को बताया कि जल जीवन मिशन एक पवित्र मिशन है पानी पिलाना पुण्य का काम है पर यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार ने इसमें भी बड़ा घोटाला किया और जल ही दोहन की तर्ज पर अपने मंत्रियों और अफसरों को इस योजना में भी लूट करने की खुली छूट दे दी।

यूपी में 1 लाख 20 हजार करोड़ की इस योजना में 60 हजार करोड़ केंद्र सरकार का तो 60 हजार करोड़ रूपया राज्य सरकार को लगाना है। पूरे मिशन को तीन वित्तीय वर्ष में पूरा किया जाना है , पर साल 2020-21 में काम तो जमीन पर जीरो है पूरे जल जीवन मिशन में कराए जाने वाले कामों को लेकर बजट तो कई करोड़ का जारी हुआ पर काम जमीन पर अभी कहीं दिखाई नहीं दे रहा। ऊपर से जो भी काम हो रहे हैं उसमें करोड़ों की कमीशनबाजी और घोटालों की कलई खुलने लगी है।

उन्होंने आगे बताया कि मंत्री महेंद्र सिंह और मिशन से जुड़े सभी पूरे आला अफसरों ने मिलकर ना सिर्फ करोड़ों का भ्रष्टाचार किया है बल्कि एक ऐसी कंपनी को करोड़ों का काम दिया जो कई राज्यों में ब्लैक लिस्टेड की गई है। उड़ीसा, मध्य प्रदेश, वेस्ट बंगाल झारखंड, पंजाब, हिमाचल, छत्तीसगढ़, जम्मू कश्मीर, राज्यों के साथ ही सेना ने भी रश्मि मेटलिक को घटिया पाइप सप्लाई करने की वजह से ब्लैक लिस्ट कर दिया तो सवाल ये है कि योगी सरकार के मंत्री महेंद्र सिंह ने इसी ब्लैक लिस्टेड कंपनी को क्यों करोंड़ों की पाइप सप्लाई का काम दिया।मिशन के मौजूदा अधिशाषी निदेशक अखण्ड प्रताप सिंह ने इस पूरे मामले की जांच झांसी के अपर जिलाधिकारी को सौंपी है।