लखनऊ. अगर आपने भी बिल्डर्स (builders) को नए घराने के लिए पैसे दिए हैं। तो यह खबर आपके लिए है। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने बड़ा फैसला लेते हुए खरीदारों को बड़ी राहत दी है। सुप्रीम कोर्ट ने दिवालिया एवं ऋण शोधन अक्षमता संशोधन कानून (Insolvency and Bankruptcy Code-IBC) को बरकरार रखा है। इसमें अगर कोई भी रियल एस्टेट कंपनी (real estate company) खुद को दिवालिया घोषित करती है, तो उसकी संपत्ति की नीलामी में घर खरीददारों को भी अपना हिस्सा मिल सकेगा। लखनऊ समेत प्रदेश भर में कई ऐसी कंपनियां हैं जो खरीददारों को घर बनाने का सपना दिखाकर उनसे रुपया लेती हैं, लेकिन बाद न इन लोगों के घर देती हैं, और रुपया फंसा का फंसा रह जाता है। ग्राहकों के पास ऐसा कोई जरिया नहीं होता जिससे उनको वह पैसा वापस मिल सके।