7 नवंबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

घर खरीदारों को रियल स्टेट में फंसा रुपया मिलेगा वापस, सुप्रीम कोर्ट ने लिया बड़ा फैसला

अगर आपने भी बिल्डर्स को नए घराने के लिए पैसे दिए हैं। तो यह खबर आपके लिए है। सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला लेते हुए खरीदारों को बड़ी राहत दी है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

लखनऊ

•

image

Abhishek Gupta

•

Updated: 9 Aug 2019, 8:44 PM IST

Supreme court

Supreme court

लखनऊ. अगर आपने भी बिल्डर्स (builders) को नए घराने के लिए पैसे दिए हैं। तो यह खबर आपके लिए है। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने बड़ा फैसला लेते हुए खरीदारों को बड़ी राहत दी है। सुप्रीम कोर्ट ने दिवालिया एवं ऋण शोधन अक्षमता संशोधन कानून (Insolvency and Bankruptcy Code-IBC) को बरकरार रखा है। इसमें अगर कोई भी रियल एस्टेट कंपनी (real estate company) खुद को दिवालिया घोषित करती है, तो उसकी संपत्ति की नीलामी में घर खरीददारों को भी अपना हिस्सा मिल सकेगा। लखनऊ समेत प्रदेश भर में कई ऐसी कंपनियां हैं जो खरीददारों को घर बनाने का सपना दिखाकर उनसे रुपया लेती हैं, लेकिन बाद न इन लोगों के घर देती हैं, और रुपया फंसा का फंसा रह जाता है। ग्राहकों के पास ऐसा कोई जरिया नहीं होता जिससे उनको वह पैसा वापस मिल सके।

कई कंपनियां है दिवालिया-

लखनऊ में कुछ बिल्डर्स ऐसे हैं जो दिवालिया तो नहीं घोषित हुए हैं, लेकिन बेहद नुकसान में हैं। इनमें से एक है कंचन डेवेलपर्स जो इस समय नुकसान के दौर से गुजर रही है। वहीं सुप्रीम कोर्ट के फैसले से सबसे ज्यादा राहत आम्रपाली घर के खरीदारों मिली है। नोएडा में मामला सबसे ज्यादा गर्माया व कई अन्य जिलों में भी इनके प्रोजेक्ट्स थे, जिसमें हजारों लोगों का पैसा लगा था। इस पर खासतौर पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा है कि अब NBCC घर बना कर देगी।

पहले होता था यह-

देशभर में कई रियल एस्टेट कंपनियां ऐसी हैं, जिन्होंने ग्राहकों को घर देने का वादा तो किया, लेकिन बीच में वह पीछ हट जाते। ऐसी कंपनियां खुद को नुकसान में बताकर दिवालिया घोषित हो जाती हैं। कार्रवाई के रूप में ऐसी कंपनियों और उनके मालिकों की संपत्तियां जब्त की जाती हैं जिसमें सबसे पहले जब्त की गई संपत्ति का पूरा पैसा बैंक को मिलता था, लेकिन अब घर खरीदने वाले लोगों को भी इसमें से हिस्सा दिया जाएगा।