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संदिग्ध बीमारी से 5 मौतों पर अब भी सस्पेंस कायम, स्वास्थ्य विभाग की टीमों को अब तक नहीं मिला कोई सुराग

गांव में हर रोज उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
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लखनऊ

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Laxmi Narayan Sharma

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Updated: 23 Jun 2018, 4:58 PM IST

lucknow health news

संदिग्ध बीमारी से 5 मौतों पर अब भी सस्पेंस कायम, स्वास्थ्य विभाग की टीमों को अब तक नहीं मिला कोई सुराग

लखनऊ. राजधानी लखनऊ के नगराम में खरगी का पुरवा, अमवा और अमवा मुर्तजा गांव में संदिग्ध बीमारी से एक महीने में हुई पांच मौतों का राज अभी तक नहीं खुल सका है। गांव में बच्चों और वयस्क की मौत की जांच के लिए जिला स्तरीय, राज्य स्तरीय टीमों के साथ ही किंग जार्ज मेडिकल विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों की टीम ने भी दौरा किया है लेकिन अभी तक कोई निष्कर्ष नहीं निकल सका है। इन सबके बीच गांव में हर रोज उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इनमें से सामान्य मरीजों को इलाज के लिए गांव के ही अस्थायी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है जबकि कुछ को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

जेई या दिमागी बुखार से इंकार

स्वास्थ्य विभाग ने गांव में हुई पांच मौतों को जेई या दिमागी बुखारों से हुई मौत मानने से फिलहाल इंकार कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक केजीएमयू के विशेषज्ञों की रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों के बारे स्पष्ट तौर पर कुछ बताया जा सकेगा। इस समय स्वास्थ्य महकमा केजीएमयू की रिपोर्ट का इन्तजार कर रहा है। गांव में नियमित कैम्प लगाकर बीमार लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण करने के साथ ही उन्हें दवाएं दी जा रही हैं। साथ ही गांव में डॉक्टरों की टीम भी लगातार कैम्प कर रही है।

टीकाकरण के कारण मिले थे जेई के एंटीबॉडी

गांव में मृतकों के परिजनों के ब्लड सैम्पल पिछले दिनों जांच के लिए गए थे। इनमें से कुछ में जेई एंडीबॉडी पाए गए थे जिनके आधार पर यह अनुमान लगाया गया था कि मृत्यु का कारण जेई या दिमागी बुखार हो सकता है। इस मामले में स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने बताया कि जेई एंटीबॉडी का पाया जाना टीकाकरण के बाद होने वाली सामान्य प्रक्रिया है। पिछले दिनों गांव में हुए विशेष टीकाकरण अभियान के दौरान लोगों को टीके लगाए गए थे।