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स्वतंत्र भारद्वाज पर POCSO FIR दर्ज, राजेंद्र पाल गौतम बोले- वो खुलेआम आतंक फैलाता है, वह आतंकवादी है

Swatantra Bhardwaj: दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ POCSO एक्ट के तहत नई FIR दर्ज की है। क्राइम ब्रांच ने उसे बुलंदशहर से हिरासत में लिया। मामले में SC/ST एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गई हैं। राजेंद्र पाल गौतम ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए गंभीर आरोप लगाए।
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लखनऊ

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Ankit Sai

Sep 05, 2026

swatantra bhardwaj

राजेंद्र पाल गौतम (ANI Photo) स्वतंत्र भारद्वाज X Photo @Kohlistic18

Swatantra Bhardwaj POCSO Case: दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान नाबालिग छात्रा के पिता पर हमले के आरोपी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज पर POCSO एक्ट के तहत नई FIR दर्ज की गई है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उसे उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया है। पुलिस ने मूल मामले में SC/ST एक्ट की धाराएं भी जोड़ी हैं। इस कार्रवाई के बीच उत्तर प्रदेश के AICC प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने स्वतंत्र भारद्वाज पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि वह खुलेआम आतंक फैलाता है और पुलिस ने उसके खिलाफ आतंकवाद की धाराएं क्यो नहीं लगाईं।

प्रदर्शनकारियों के दबाव के बाद कार्रवाई

स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर CJP के सह-संयोजक सौरव दास, आशुतोष रांका और उनके समर्थकों ने दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने का घेराव किया था। प्रदर्शनकारियों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग की थी। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने CJP प्रतिनिधियों को 72 घंटे के भीतर स्वतंत्र भारद्वाज को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया था। इसी बीच क्राइम ब्रांच ने उसकी तलाश शुरू कर दी और उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर तक पहुंच गई।

पीड़िता ने गालियां और बलात्कार की धमकियां मिलने के लगाए आरोप

सोशल मीडिया पर खुद को 'सनातनी योद्धा' बताने वाले स्वतंत्र भारद्वाज की उम्र करीब 20 साल बताई गई है। आरोप है कि उसने प्रदर्शन के दौरान नाबालिग छात्रा के पिता पर हमला किया था। सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में उसने कथित तौर पर दावा किया था कि उसने प्रदर्शन के दौरान नाबालिग लड़की के पिता का सिर फोड़ दिया था। उसने यह भी कहा था कि अपने राजनीतिक रसूख के चलते वह जेल जाने से बचता रहा।

मामला सामने आने के बाद पीड़िता ने बताया था कि पिता पर हमले की FIR दर्ज कराने के बाद उसे सोशल मीडिया पर गालियां और बलात्कार की धमकियां मिलने लगीं। इसके चलते उसका स्कूल जाना तक छूट गया था।

बुलंदशहर के गांव में छिपा था

पुलिस से बचने के लिए मूल रूप से बिहार का रहने वाला स्वतंत्र भारद्वाज शुक्रवार तड़के बुलंदशहर के नैथला गांव पहुंचा था। यहां वह हरिशंकर शर्मा नाम के एक कैब ड्राइवर के घर ठहरा था। दोनों की मुलाकात पहले एक सफर के दौरान हुई थी। हरिशंकर शर्मा के मुताबिक, भारद्वाज सुबह अपने एक साथी के साथ उसके घर आया था। दोपहर में गांव में मीडियाकर्मियों के पहुंचने के बाद उसने बाइक मांगी और पांच मिनट में लौटने की बात कहकर वहां से निकल गया।

इसके बाद करीब दोपहर 2 बजे दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम सादे कपड़ों में धमेड़ा नारा गांव पहुंची और स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में ले लिया।

POCSO के साथ SC/ST एक्ट भी जुड़ा

सिकंदराबाद के सीओ दीपक कुमार के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने स्थानीय थाने में कोई अग्रिम सूचना दर्ज कराए बिना यह कार्रवाई की। दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने भी पुष्टि की है कि स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ दर्ज मूल FIR में SC/ST एक्ट की धाराएं जोड़ी गई हैं। वहीं, नाबालिग को कथित तौर पर मिली धमकियों और उत्पीड़न के मामले में POCSO एक्ट के तहत अलग से नई FIR दर्ज की गई है। पुलिस अब स्वतंत्र भारद्वाज से हिरासत में पूछताछ कर रही है।