
Unnao case
लखनऊ. रायबरेली में जिस तरह से उन्नाव गैंगरेप (Unnao Gangrape) मामले की पीड़िता व उसके परिवार के सदस्य सड़क दुर्घटना के शिकार हुए हैं, उससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं। हादसे के बाद कुछ तस्वीर व कुछ ऐसी बातें सामने आ रही है जो इस ओर इशारा कर रहा है कि यह हादसा एक साजिश का हिस्सा है। रायबरेली के गुरबख़्शगंज थाना क्षेत्र में हुए इस हादसा के बाद जब ट्रक की नंबर प्लेट पर गौर किया गया तो नंबर ग्रीस से मिटा हुआ पाया गया गया है। मतलब जिस ट्रक से कार की भिड़ंत हुई है, उसकी पहचान न हो पाए इसके लिए उसके नंबर को पहले ही मिटाने की कीशिश की गई है। यह देख प्रत्यक्षदर्शियों को तो यह तक कहना है कि यह उन्नाव गैंगरेप का मामला पुरानी फिल्मों की तरह हो गया है जिसमें केस लड़ते-लड़ते पीड़िता की सुनियोजित तरीके से हत्या कर दी जाती है। नंबर प्लेट के मामले पर रायबरेली पुलिस अधीक्षक सुनील सिंह का कहा कि इसकी फॉरेन्सिक जांच कराई जा रही है और जैसा पीड़ित परिवार चाहेगा, वैसे एफ़आईआर दर्ज करके कार्रवाई की जाएगी।
पीड़िता की सुरक्षा में नहीं लगे थे गार्ड-
वहीं यह भी बताया जा रहा है कि पीड़िता के साथ इस बार सुरक्षा में लगे गार्ड व महिला कॉन्सटेबल मौजूद नहीं थीं। उन्नाव एसपी ने इस पर कहा है कि माखी कांड के बाद पीड़िता के घर पर सुरक्षा व्यवस्था निरंतर बनी हुई है। उनके साथ दो महिला कॉन्सेबल, एक गनर हमेशा तैनात थे। यह पूछे जाने पर आज क्यों नहीं थे, इस पर एसपी ने कहा कि इस पर जांच की जा रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं पीड़िता की बहन का आरोप है कि चाची को पहले से ही धमकियां मिल रही थी।
यह था मामला-
आपको बता दें कि चर्चित उन्नाव गैंगरेप मामले में रविवार को रेप पीड़िता, उसकी मां, चाची व वकील एक भीषण सड़क हादसे का शिकार हो गए हैं, जिसमें बताया जा रहा है कि मां और चाची की मौत हो गई है। वहीं वकील की हालत गंभीर बताई जा रही है।
Published on:
28 Jul 2019, 10:49 PM IST
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