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UP में NDA-INDIA के बीच होगी कांटे की टक्कर, समझिए 9 सीटों का चुनावी समीकरण

UP By Election 2024 Vidhan Sabha: चुनाव आयोग ने यूपी की 10 सीटों में से 9 सीटों पर मतदान की तारीख का ऐलान किया है। ऐसे में NDA-INDIA के बीच कांटे की टक्कर होने वाली है। आइए जानते हैं कि किस सीट पर किस पार्टी का दबदबा है…
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लखनऊ

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Sanjana Singh

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Updated: 16 Oct 2024, 10:19 AM IST

UP By Election 2024

UP By Election 2024 Date: उत्तर प्रदेश में चुनाव आयोग ने नौ सीटों होने वाले उपचुनाव के लिए तारीखों का ऐलान कर दिया है। यूपी में 13 नवंबर को मतदान और 23 नवंबर को नतीजे आएंगे। वहीं NDA और INDIA दोनों अपनी जमीनी तैयारी में जुटे हुए हैं। सपा ने अब तक 6 सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान किया है तो भाजपा प्रत्याशियों के नाम का ऐलान कर सकती है। आइए जानते हैं कि यूपी में जिन सीटों पर चुनाव होने वाले हैं, उनका समीकरण क्या है…

करहल

मैनपुरी की करहल विधानसभा सीट पर सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव वर्ष 2022 में जीते थे। लोकसभा चुनाव में कन्नौज से सांसद होने के कारण उन्होंने इस्तीफा दे दिया। सपा ने यहां से तेज प्रताप यादव को उम्मीदवार बनाया है। भाजपा ने अभी प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। इस सीट पर यादव-मुस्लिम गठजोड़ खासा मजबूत रहता है।

कुंदरकी

संभल की कुंदरकी विधानसभा सीट से सपा के जियाउर्रहमान बर्क विधायक थे। यह सीट उनके सांसद बनने के बाद खाली हुई। सपा इस सीट पर 2012-17 और 2022 में जीत दर्ज कर चुकी है। यह सीट मुस्लिम आबादी बहुल होने के कारण भाजपा के लिए चुनौती है।

सीसामऊ

कानपुर नगर की सीसामऊ विधानसभा सीट पर वर्ष 2022 में सपा के उम्मीदवार हाजी इरफान सोलंकी जीते थे। सपा ने इरफान सोलंकी की पत्नी नसीम सोलंकी को यहां से टिकट दिया है। यहां पर मुस्लिम मतदाताओं का प्रभाव है।

मीरापुर

मुजफ्फरनगर की मीरापुर विधानसभा सीट पर 2022 में रालोद के चंदन चौहान विधायक बने थे। उनके बिजनौर के सांसद चुने जाने से यह सीट खाली हुई है। वर्ष 2012 में यहां बसपा तो 2017 में भाजपा जीती इस सीट पर जाट, दलितों के साथ ही मुस्लिम मतदाता का प्रभाव है।

खैर

अलीगढ़ की खैर विधानसभा सीट से भाजपा के अनूप प्रधान वाल्मीकि विधायक थे। अनूप हाथरस से लोकसभा चुनाव जीतकर सांसद बन गए हैं। वर्ष 2012 में रालोद और 2017 में भाजपा ने यह सीट जीती थी। यहां जाट, ब्राह्मण, दलित और मुस्लिम मतदाता अच्छी तादाद में हैं।

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गाजियाबाद

गाजियाबाद विधानसभा सीट पर भाजपा के अतुल गर्ग विधायक थे। वह भाजपा सरकार में मंत्री भी रहे। वह अब सांसद हो गए हैं। इसके बाद यह सीट खाली हो गई। शहरी सीट होने के कारण यहां सवर्ण मतदाता बहुल है। दलित वोटर भी अच्छे-खासे हैं।

मझवां

मझवां विधानसभा उपचुनाव मिर्जापुर जिले की मझवां सीट भाजपा के सहयोगी दल निषाद पार्टी के विनोद बिंद के इस्तीफे की बाद खाली हुई है। सपा ने पूर्व सांसद रमेश बिंद की बेटी ज्योति बिंद को उम्मीदवार बनाया है। इस सीट पर बिंद, राजभर जाति के अलावा कुर्मी समाज के मतदाता निर्णायक स्थिति में रहते हैं। ब्राह्मण वोटर भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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फूलपुर

प्रयागराज जिले की फूलपुर विधानसभा सीट पर भाजपा के प्रवीण पटेल 2022 में जीते थे। फूलपुर से सपा के सिंबल पर मुस्तफा सिद्दीकी मैदान में हैं। प्रवीण पटेल लोकसभा चुनाव में भाजपा से सांसद हो गए थे। इस सीट पर वर्ष 2017 में पहली बार प्रवीण पटेल जीते थे। यहां कुर्मी वोटरों के साथ ही मौर्य और मुस्लिम मतदाता महत्वपूर्ण भूमिका में हैं।

कटेहरी

जिले की कटेहरी सीट से सपा के कद्दावर नेता लालजी वर्मा विधायक थे। वह अब अंबेडकरनगर के सांसद बन गए हैं। सपा ने कटेहरी से लालजी वर्मा की पत्नी शोभावती वर्मा को टिकट दिया है। यहां पर दलितों के साथ ही कुर्मी और मुस्लिम मतदाता निर्णायक भूमिका में हैं।